टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा )
यूरिक एसिड का बढऩा भी हाइपटेंशन का बड़ा कारण-डॉ.वीबी सिंह
-एशिया पेसिफिक सोसाइटी ऑफ हाइपरटेंशन इंटरनेशनल कांफ्रेस में दिया व्याख्यान
बीकानेर, 30 नवंबर। लखनऊ में आयोजित एशिया पेसिफिक सोसाइटी ऑफ हाइपरटेंशन इंटरनेशनल कांफ्रेस देश विदेश के 975 प्रतिनिधी शामिल हुए और 78 विशेषज्ञ डॉक्टर्स ने अपने शोध पर व्याख्यान दिए। कांफ्रेस में एसपी मेडिकल कॉलेज बीकानेर के सिनियर फिजिशियन डॉ. वीर बहादुर सिंह ने ‘यूरिक एसिड एंड हाइपरटेंशन’ पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि यूरिक एसिड और हाइपरटेंशन के बीच संबंध है, और अगर इसका इलाज नहीं किया जाए तो हृदय और गुर्दे की समस्याएं हो सकती हैं।

उन्होने कहा कि भारत में ब्लड प्रेशर के केस ज्यादा सामने आते है। 30-42 प्रतिशत रोगियों यूरिक एसिड बढ़ा हुआ मिलता है। इसलिये यूरिक एसिड भी ब्लड प्रेशर का रिश्क फेक्टर है,अगर उसका इलाज नहीं किया जावे तो का रडियोवास्कुलर और किडनी फेलियर होने का खतरा रहता है,खास तौर से डायबिलिस और कारर्डियक प्रोब्लम हो तो ज्यादा खतरनाक होता है। इसके अलावा यूरिक एसिड बढऩे से हाथ पैर के छोटे जोडो में दर्द होता है। जिससे लोग गठिया से भ्रमित होकर अनट्रेंड लोगो से गलत इलाज लेते है,जिससे रोगी स्थिति चिंताजनक हो जाती है। इसलिये बीपी के रोगियेां को डॉक्टर्स से लगातार परामर्श और जांच कराते रहना चाहिए है।








