ग़ज़ल के शब्दो के साथ चित्रकार ने दिए रंगों के भाव

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टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा )

ग़ज़ल के शब्दो के साथ रंगों के भाव….

बीकानेर 04 अगस्त । शब्दमय रंग संस्थान द्वारा ग़ज़ल पर रचनाकार द्वारा बोलते हुए गजल कि लाइव पेंटिंग बनाने के कार्यक्रम कि कला श्रृंखला में मुख्य अतिथि डॉ सीमा भाटी रहे। इनकी ग़ज़ल “तन्हा” पर चित्रकार रामकुमार भादाणी ने पेंटिंग में बहुत गहरी और भावपूर्ण रंगों के साथ केनवास पर संवेदनशील, अंतर्मुखी गज़ल पर आधारित प्रतीत होती है ऐसा केनवास पर दर्शाया गया। जिसमें एक स्त्री की अंतर -दशा, उसका आत्मसंवाद और पीछे चल रही दुनिया की छायाएँ एक साथ उपस्थित हैं।

कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ चित्रकार हरि गोपाल सन्नू हर्ष के निर्देशन में किया गया है। पेंटिंग का विश्लेषण और उसकी संभावित ग़ज़ल का नवाचार है जिसमे कला साहित्यिक का मेल हो रहा है।संस्थान के चित्रकार धर्मा स्वामी ने बताया कि डॉ सीमा भाटी हिंदी उर्दू राजस्थानी के रचनाकार है इसके साथ ही कला साहित्य में अनेक कार्यक्रमों में सहभागिता रख चुके है। कार्यक्रम में भादाणी ने पेंटिंग में कविता की विरह, आत्मचिंतन, मौन करुणा – किसी गहन चिंतन जैसा प्रतीत होता दिखाया है। पीछे बैंगनी-नीले त्रिकोणों में बिखरी हुई छोटी-छोटी आकृतियाँ है जिसमे कोई प्रेमी की छाया, बचपन की स्मृति, कोई अधूरी प्रार्थना अंतर्मुखी द्वन्द को दर्शाती है। संस्थान में आए हुवे अतिथि का शिक्षिका विमलेश तथा गणेश द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। संस्थान में बनी पेंटिंग आगामी समय पर प्रदर्षित कि जाएगी।

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