” भक्ति भागने का नही जागने का नाम है”

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बीकानेर 22 अगस्त । सन्त निरंकारी मिशन की बीकानेर ब्रांच की और से रथखाना स्थित सिंधी धर्मशाला में आध्यामिक सत्संग का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता अजमेर से आए मिशन के केंद्रीय प्रचारक महात्मा श्री धमनदास जी ने की। आप ने अपने संबोधन में फरमाया की परमात्मा का ज्ञान आत्मा को प्रकाशित करता है,जन्म मृत्यु के चक्र को ब्रह्मज्ञान से ही समाप्त किया जा सकता है।भक्ति भागने का नही जागने का नाम है।बीकानेर जोन के जोनल इंचार्ज बहन डा संध्या सक्सेना ने बताया कि ब्रह्मज्ञान के माध्यम से मनुष्य जीते जी मुक्त हो जाता है,प्रेम ही सुख और शांति का मार्ग है।

इस अवसर पर पूजा , ममता गक्खड़ बीना कंवर ने भक्तिरस से भरपूर गीतों की प्रस्तुति दी।कवि ओम मल्होत्रा ने काव्य पाठ किया, डा इंदु विजय वाधवानी, ओम केशवानी ने मानवता पर विचार रखे।क्षेत्रीय संचालक अशोक जी सक्सेना,सेवादल के अधिकारी कर्मवीर धवन,कमलेंद्र मल्होत्रा,एवम महिला विंग की इंचार्ज अमनदीप कौर के मार्गदर्शन में सभी सेवादारों ने अपनी सेवाएं समर्पित की।
मंच का संचालन अरुण सक्सेना ने किया।

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