राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के प्रतिनिधि मण्डल ने शिक्षा निदेशक से ज्वलन्त समस्याओं पर वार्ता कर मांग पत्र सौंपा

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टुडे राजस्थान न्यूज़
बीकानेर , 22 अक्टूबर। राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के प्रतिनिधि मण्डल ने प्रदेशाध्यक्ष नवीन कुमार शर्मा के नेतृत्व में बीकानेर शिक्षा निदेशालय में निदेशक माध्यमिक शिक्षा गौरव अग्रवाल एवं अन्य अधिकारियों से संगठन के माँग पत्र और वर्तमान ज्वलन्त समस्याओं पर विस्तार से वार्ता की।

वार्ता के प्रारम्भ में महामन्त्री महेन्द्र कुमार लखारा ने पूर्व वार्ताओ में बनी सहमति के अनुरूप संगठन को मान्यता प्रदान करने की प्रगति के बारे में निदेशक महोदय एवं अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया जिस
पर उन्होंने इस बारे में उच्च स्तर पर विमर्श प्रक्रिया प्रारम्भ करने की सहमति प्रकट की। महामन्त्री महेन्द्र कुमार लखारा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि संगठन के लम्बित माँग पत्र एवं वर्तमान ज्वलन्त समस्याओं में प्रमुख रूप से शिक्षकों को बी.एल.ओ. डबूटी सहित अन्य सभी गैर शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त करने,तृतीय श्रणी शिक्षको के स्थानांतरण,पदोन्नति के लिए होने वाली काउंसलिंग में समस्त रिक्त पदों को पर्याप्त समय पूर्व प्रदर्शित करने, शिक्षकों को समान रूप से संपूर्ण प्रदेश में नोशनल लाभ देने का परिपत्र निदेशालय द्वारा जारी करने,पद अभाव अथवा अन्य कारणों से होने वाली वेतन व्यवस्था को प्रतिमाह के स्थान पर आगामी आदेश कर समय व श्रम को रोकने,काउंसिलिंग समय मे सभी रिक्त पदों को दर्शाने आदि माँगों पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें कई बिन्दुओं पर शीघ्र ही आवश्यक कार्यवाही करने की सहमति बनी।


अतिरिक्त महामन्त्री रवि आचार्य ने राज्य के सभी भागों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर माँग की कि वर्तमान में शाला दर्पण सर्वर की क्षमता बढ़ाई जाने की आवश्यकता है। इसके कारण शाला दर्पण पोर्टल लगभग चलता ही नहीं है और शिक्षकों का सारा समय इंतजार में ही व्यतीत हो जाता है। इसका तकनीकी परीक्षण करवाकर आगे कार्यवाही करने की सहमति बनी। वार्ता के दौरान संगठन के प्रतिनिधि मण्डल ने सरकार की घोषणाओं की क्रियान्वयन के क्रम में हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों का एक ही भवन में साथ-साथ संचालन करने एवं उनके पद निर्धारण में एकरूपता अपनाए जाने की माँग की। साथ ही एसीपी, स्थायीकरण एवं न्यून परीक्षा परिणाम के प्रकरणों के समयबद्ध एवं त्वरित निस्तारण की आवश्यकता पर भी संगठन ने अपना आग्रह लिखित रूप में प्रस्तुत किया। अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि तीनों ही प्रकार के प्रकरणों का निस्तारण तेजी से किए जाने के प्रयास निदेशालय द्वारा अभियान चलाकर किए जा रहे हैं जिसके तहत नियमित रूप से निर्देशक महोदय द्वारा सुनवाई कर न्यून परीक्षा परिणाम के प्रकरणों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष सम्पत सिंह ने राज्य के विद्यालयों में बहुत बड़ी संख्या में रिक्त सहायक कर्मचारी के पदों पर मनरेगा योजना के तहत कार्मिकों को लगाने के बारे में भी संगठन ने सुझाव दिया जिसे राज्य सरकार को प्रेषित किए जाने पर सहमति बनी । अवकाश के दिनों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने पर उन्हें अवकाश के दिनों के बराबर उपार्जित अवकाशों का लाभ दिए जाने का संगठन द्वारा प्रस्ताव रखे जाने पर निदेशक महोदय द्वारा उक्त प्रस्ताव राज्य सरकार को अग्रेषित करने का आश्वासन दिया गया। माध्यमिक क्षेत्र उपाध्यक्ष श्रीमती (डॉ) अरुणा शर्मा ने माध्यमिक शिक्षा में स्टाफिंग पैटर्न लागू करने के सम्बन्ध में भी संगठन ने माँग पत्र के अनुसार बातचीत की जिस पर अधिकारियों द्वारा बताया गया कि
माध्यमिक शिक्षा के स्टाफिंग पैटर्न की प्रक्रिया शीघ्र ही प्रारम्भ किए जाने की संभावना है। समस्त श्रेणी के विद्यालयों में शारीरिक शिक्षक, पुस्तकालयाध्यक्ष, प्रयोगशाला सहायक एवं कम्प्यूटर शिक्षकों के पद सृजित कर उन पदों को तत्काल भरने की मांग रखी जिससे विद्यालय व्यवस्था एवं ऑनलाइन कार्य आदि करने की जिम्मेदारी शिक्षको के अतिरिक्त सम्बन्धित कार्मिकों को दी जा सके निदेशालय के अधिकारियों ने अग्रिम सकारात्मक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। वाणिज्य वर्ग के व्याख्याताओं की सीधी भर्ती एवं पदोन्नति वाणिज्य वर्ग के विषयों के अनुसार करने की माँग भी रखी जिस पर अन्य राज्यों एवं कन्द्रीय स्तर पर प्रचलित व्यवस्थाओं का अध्ययन कर ही कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया। प्राथमिक क्षेत्र उपाध्यक्ष चन्द्र प्रकाश शर्मा ने पी.डी. मद में शिक्षकों का वेतन एकमुश्त जारी कर नियमित भुगतान की मांग रखी जिस पर अवगत कराया गया कि अप्रैल 2023 से नियमित रूप से वेतन भुगतान की व्यवस्था किय जाने के गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। तथा पीड़ी मद में कार्यरत्त शिक्षको के वेतन भुगतान हेतु वार्ता के दौरान ही झालरापाटन पंचायत समिति के लिए एक करोड रुपए का बजट भी जारी किया गया
प्राथमिक क्षेत्र उपाध्यक्ष ने कक्षा 8वीं बोर्ड हेतु विद्यालय व शिक्षकों के लिए परीक्षा परिणाम निर्धारण में डी श्रेणी प्राप्त छात्रों की गणना उत्तीर्ण विद्यार्थियों में करने की माँग रखी जिसके सम्बन्ध में जानकारी करवा कर विसंगति को दूर करने हेतु निदेशक महोदय द्वारा आश्वासन दिया गया। राज्य के समस्त संभाग एवं निदेशालय द्वारा सभी पदों की नियमित पदोन्नति प्रक्रिया तत्काल प्रारम्भ करने के बारे में भी संगठन ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। निदेशालय द्वारा अब तक की प्रगति से अवगत कराया गया। संघ प्रतिनिधि मण्डल ने इस प्रक्रिया में तेजी लाये जाने की आवश्यकता एवं समयबद्ध पदोनति पर बल दिया।
प्रदेश मन्त्री अरुण व्यास ने वर्तमान में कार्मिकों एवं अधिकारियों को कार्यालयों में ए.पी.ओ. करने की बढ़ती हुई प्रवृति पर रोक लगाने एवं ए.पी.ओ. रखे जाने की अवधि को नियमानुसार सीमित रखने की माँग रखी निदेशक महोदय ने इसे गम्भीरता से लेते हुए तत्काल संख्यात्मक आकड़े मगा कर शीघ्र ही निस्तारण करने के बारे में आश्वस्त किया। व्यास ने कुक कम हेलपर के मानदेय में वृद्धि करने तथा आर.टी.ई. के तहत निजी विद्यालयों को फीस पुर्नभरण नीति की समीक्षा करने की मांग रखी।

संगठन के माँग पत्र एवं ज्वलन्त विषयों के प्रस्तुतीकरण के समय सभी मुद्दों पर संगठन के प्रतिनिधि मण्डल ने मजबूती से अपना पक्ष रखा। उदाहरणार्थ निदेशालय द्वारा अनेक प्रतिबन्ध लगा दिये जाने एवं समस्त पद प्रदर्शित नहीं किये जाने के कारण पदोन्नति के समय शिक्षकों को उनका मनपसंद का विद्यालय नहीं मिल पा रहा है अतः उन्हें यात्रा भत्ता एवं योग काल दिये जाने की माँग से निदेशक एवं अन्य अधिकारी सहमत नहीं थे किंतु संगठन ने अपनी माँग पर आग्रह जारी रखा। उन्हें अवगत कराया कि विभिन्न प्रकार के प्रतिबन्ध लगाकर विभाग अपनी आवश्यकता के अनुसार विद्यालयों में पदोन्नति के पश्चात पदस्थापन कर रहा है। अतः पदोन्नत होने वाले कार्मिक व अधिकारी का यह अधिकार है कि उसे यात्रा भत्ता एवं योगदान प्रदान किया जाए। अध्यापक संवर्ग के स्थानान्तरण का मुद्दा प्रमुखता से प्रतिनिधि मण्डल ने विभागीय स्तर पर उठाया ज्ञापन शासन को अग्रेषित करने हेतु आस्वस्त किया।

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