गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर संविधान उद्देशिका पाठ तथा सम्मान सुंदर हो समारोह का आयोजन
टुडे राजस्थान न्यूज़
बीकानेर, 25 जनवरी। राष्ट्र और समाज से आम आदमी को जोड़ने तथा सकारात्मक विचारों को प्रसारित करने में सामाजिक संस्थाओं की भूमिका उल्लेखनीय रहती है। सोशल प्रोग्रेसिव सोसाइटी तथा अस्मत अमीन फाउण्डेशन ने संविधान उद्देशिका पाठ, सम्मान कार्यक्रम तथा स्व हरदर्शन सहगल स्मृति प्रथम लघुकथा प्रतियोगिता का आयोजन कर अपने सामाजिक कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन किया है। यह कहना था विचारक एवं वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ. मनमोहन सिंह यादव का जो अस्मत अमीन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विचार व्यक्त कर रहे थे।

विशिष्ठ अतिथि विवेक सहगल ने कहा कि गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर संविधान उद्देशिका का पाठ कार्यक्रम की सार्थकता को रेखांकित करता है। साथ ही इसके वितरण से युवा पीढ़ी में संविधान के प्रति आस्था एवं रूचि में अभिवृद्धि होगी। विवेक सहगल ने अपने पिता के नाम पर प्रतियोगिता का आयोजन करने पर संस्था का आभार व्यक्त करते हुए विजेता विद्यार्थियों को साहित्यक संस्कारों की सीख दी ।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में अतिथियों का स्वागत करते हुए सोशल प्रोग्रेसिव सोसाइटी बीकानेर के अध्यक्ष नदीम अहमद नदीम ने कहा कि संविधान उद्देशिका का पाठ वरिष्ठ साहित्यकार स्व. हरदर्शन सहगल स्मृति लघुकथा प्रतियोगिता के आयोजन का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को शिक्षा एवं साहित्य से जोड़ना है। नदीम अहमद नदीम ने कहा कि लघुकथाओं का मुख्य आधार शिक्षा और सामाजिक सद्भाव रखा गया था। प्रतिभागियों ने इन्हीं विषयों पर लघुकथाएंे लिखी। कार्यक्रम संयोजक इमरोज़ नदीम तथा अरमान नदीम ने बताया कि अठारह वर्ष तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित प्रतियोगिता में प्रथम स्थान तानिया कौशिक द्वितीय स्थान कुनिका एवं तृतीय स्थान खुशी का और चतुर्थ स्थान सानिया का रहा जिन्हें प्रशस्ति पत्र, साहित्य एवं नगद राशि प्रदान की गई।
संविधान की उद्देशिका का पाठ उर्दू रचनाकार डॉक्टर सीमा भाटी ने किया तथा सभी आगंतुकों को संविधान उद्देशिका की रंगीन प्रतियां भेंट की गई।
अपने-अपने क्षेत्र में विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले वरिष्ठ साहित्यकार रवि पुरोहित, साहित्यकार एवं खेल समीक्षक आत्माराम भाटी, साहित्यकार मनीष कुमार जोशी, कबीर यात्रा के प्रवर्तक गोपाल सिंह चौहान , तीरंदाजी कोच अनिल जोशी, सामाजिक कार्यकर्ता ताहिर हसन क़ादरी को साहित्य, प्रशस्ति पत्र, अंग वस्त्र, श्री फल एवं शाॅल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार मधु आचार्य आशावादी ने संवैधानिक मूल्यों की चर्चा करते हुए ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता जताई । मधु आचार्य ने कहा की संविधान के प्रति जागरूकता समाज को सशक्त बनाता है तथा नागरिक अपने सामाजिक कर्तव्यों के प्रति सचेत होते है । सम्मानित होने वाली प्रतिभाओं का परिचय मुकेश पोपली , कविता मुकेश , डॉक्टर मोहम्मद फारूक, डॉक्टर असमा मसूद, मनीष आर्य, इसरार हसन कादरी ने दिया ।
मंच संचालन कर रही वरिष्ठ साहित्यकार कवयित्री
मनीषा आर्य सोनी का सम्मान अस्मत बानो, सुषमा गहलोत, और कुलदीप कौर ने किया। कार्यक्रम में अब्दुल रऊफ राठौड़, नूरुल हसन मदनी, डॉक्टर असमा मसूद,अजय सहगल संजय जनागल, न्याज अहमद, डॉक्टर मोहम्मद फारूक, अनिल सुथार,डॉक्टर आदित्य शर्मा,दीपक शर्मा, प्रीति मीणा, इसरार हसन कादरी , अरविन्द खत्री, रेणु सिंह,दीपा सिंह, कविता मुकेश, रणजीत कौशिक मोहम्मद रफीक, इमरोज नदीम, अरमान नदीम, घनश्याम गहलोत, तसनीम नदीम, अलताफ बेगम, आजीम हुसैन, मकसूद हसन कादरी, तरन्नूम समद कादरी, रिजवान समद कादरी आदि की गरिमामय उपस्थिति रही ।



