टुडे राजस्थान न्यूज़ ( अज़ीज़ भुट्टा )
बीकानेर, 09अप्रैल। शिक्षा एवं कला साहित्य और संस्कृति मंत्री डॉ बी डी कल्ला ने रविवार को राजस्थान उर्दू अकादमी सदस्य ख्यातनाम शाइर असद अली असद के दूसरे ग़ज़ल संग्रह ” ….तो ग़ज़ल होती है” का विमोचन किया।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि असद अली असद एक उम्दा शाइर हैं।वे लंबे से साहित्य साधना कर रहे हैं।उनकी शायरी ही उनकी पहचान है।

डॉ कल्ला ने कहा कि असद अली असद ने अखिल भारतीय मुशायरों में बीकानेर ही नहीं बल्कि राजस्थान का भी अनेक बार प्रतिनिधित्व किया है।
मुख्य अतिथि पूर्व महापौर एवं पूर्व अध्यक्ष नगर विकास न्यास हाजी मक़सूद अहमद ने कहा कि असद अली असद ने बीकानेर की उर्दू शायरी को निरंतर आगे बढ़ाया है।वे एक समर्पित शाइर हैं।
विशिष्ठ अतिथि वरिष्ठ शाइर ज़ाकिर अदीब ने राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर के आर्थिक सहयोग से प्रकाशित असद की विमोचित कृति पर रोशनी डालते हुए उन्हें ग़ज़ल का शाइर बताया।
कार्यक्रम संयोजक डॉ ज़िया उल हसन क़ादरी ने असद के रचना सँसार का परिचय देते हुए कहा कि असद ना सिर्फ अच्छे शाइर हैं बल्कि बेहतरीन ड्रामानिगर, अनुवादक और संयोजक भी हैं।वे उर्दू के अलावा हिंदी और राजस्थानी में भी अधिकारपूर्वक लेखन करते हैं।इससे पूर्व उनकी अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं जिनमें “मुकम्मल हुई तलाश” और “नुवों परभात” “केसर की महक”,…मगर देख रहा हूं” और “इबादत”प्रमुख पुस्तकें हैं।




