’’चाईनीज मांझे का ना करे उपयोग’’, ’’चाईनीज मांझा मौत का मांझा’’ स्लोगन लिखी पतंगो का वितरण कर मनाया जन्मदिन

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टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा )

बीकानेर, 21 अप्रेल । कक्षा 9वीं के छात्र श्लोक गहलोत ने अपना 14वां जन्मदिन अपने दादा जी की प्रेरणा से आम लोगो को बीकानेर स्थापना दिवस पर बीकानेर वासियों को ये संदेश देते हुए मनाया गया कि हमें चाईनीज मांझे का प्रयोग पतंगबाजी में नही करना है, सरकार के निर्धारित समय मे ही पतंगें उडाकर लाखों पक्षीयों की जान बचाई जा सकती है।
इस मौके पर गोचर भूमि एरिया, भैरू कुटिया, संसोलाव क्षेत्र में जाकर पक्षीयों के पानी के लिए पालासिये रखें व उनको चुगा डाला। उसके पश्चात वहां रह रहे गरीब छोटे-छोटे बच्चों को पतंगे वितरित की। पतंगे पाकर बच्चे के चहरे पर मुस्कान छा गई। पतंगों पर ‘‘पतंग उड़ाए तब-सूरज चढें जब’’, ’’चाईनीज मांझा मौत का मांझा’’, ’’पतंग उड़ाते समय सावधानी रखे’’, ’’पक्षीयों को भी पीड़ा होती है’’, ’’जल ही जीवन हैै’’, ’’हर घर की छत पर पालसीयो रख कर पक्षीयों की प्यास बुझानी है’’ आदि-आदि के स्लोगन लिखी पतंगे घर-घर जाकर वितरित की।


श्लोक गहलोत की वयोवृद्ध दादीजी सोना देवी ने बताया कि श्लोक जब 4 साल का था तब से ये अपने स्व. दादा रतनलाल जी के साथ पक्षीयों को दाना व चुग डालने व पक्षीयों पानी के पालसियों को भरने हमेशा उनके साथ सुबह जल्दी उठाकर जाया करता था फिर वापिस आकर स्कूल जाता । तब से ये उसका नित्यक्रम हो गया है।
श्लोक की माता जशोदा गहलोत ने भी कहा कि ये प्ररेणा उसने अपने दादाजी से सीखी है, दादाजी का कुछ माह पूर्व स्वर्गवास गया है, अब ये उनकी प्रेरणा से उनके स्मरण व उनकी याद में अपना जन्मदिन केक काटने की बजाय साधारण तरीके से मनाने की बात की बताई तो सभी परिवारजनों को बहुत ही हर्ष हुआ, उसके कार्य में पूर्ण सहयोग भी किया गया। श्लोक ने पतंगें अपने गुल्क के रूपयो से खरीद कर वितरण की।
इस कार्य मंे श्लोक को सहयोग करने मेें उसकी बहने दिशा, दिव्यांशी, काम्या, हिमानी, अंजली, लोकेश्वरी, ज्योति व भाई तरूण, तनिष्क, गुणवत व उसके दोस्त भी शामिल रहेे।

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