ईसीबी में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर हुई सेमीनार

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टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा )

बीकानेर 28 फरवरी । “विकसित भारत के लिए स्वदेशी प्रौद्योगिकी“ थीम आधारित सेमीनार में डा मनोज कुडी, डा प्रवीण पुरोहित तथा डा सुरेश पुरोहित ने दिए व्याख्यान।

अभियांत्रिकी महाविद्यालय बीकानेर की इनोवेशन सेल व संघनित पदार्थ अनुसंधान सोसायटी के संयुक्त तत्वाधान में “विकसित भारत के लिए स्वदेशी प्रौद्योगिकी“ की थीम के साथ राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ मनोज कुडी ने सर सी वी रमन की छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर अपने संबोधन भाषण में कहा इस दिन भारत के महान वैज्ञानिक सीवी रमन ने रमन इफेक्‍ट की खोज की थी जिसके चलते वर्ष 1987 से प्रतिवर्ष इसी दिन राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जा रहा है ।यह दिन हमारे देश में उभरते वैज्ञानिकों को प्रेरित करने और विज्ञान के क्षेत्र में हुए चमत्कारों को याद करने का दिन है। डा मनोज कुडी ने सर सीवी रमन की इस खोज को भारतीय विज्ञान जगत की वैश्विक पहचान कायम करने में मुख्य भूमिका को रेखांकित किया ।

इस अवसर पर डॉ प्रवीण पुरोहित द्वारा रमन प्रभाव पर आमंत्रित व्याख्यान दिया गया जिसमे उन्होंने बताया कि 28 फरवरी, 1928 को भारतीय भौतिकशास्त्री सर सी.वी. रमन ने पदार्थ के अणुओं से असमान टकराव के माध्यम से प्रकाश के प्रकीर्णन की घटना की खोज की। सर चंद्रशेखर वेंकट रमन की इस खोज के लिए उन्हे सन 1930 में भौतिकी के नोबेल पुरूस्कार से सम्मानित किया गया । सर सीवी रमन की इस खोज ने क्वांटम भौतिकी को सुदृढ़ आधार प्रदान करने का कार्य किया तथा प्रायोगिक भौतिकविदों को क्रिस्टलों और अणुओं की संरचनाओं के अध्ययन के लिए एक अत्यन्त दक्ष, सरल तकनीक प्रदान की।


इस खोज को बाद में सर सी.वी. रमन के नाम पर “रमन प्रभाव” के रूप में जाना जाने लगा। इस अवसर पर डॉ सुरेश कुमार पुरोहित ने बताया कि यह दिन समाज में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने और छात्रों को विज्ञान को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करने के लिए मनाया जाता है।इस सेमिनार में करीब 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन रसायन शास्त्र विभाग के रवि शंकर भोबिया ने किया।

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