सेवा के प्रयाय थे अरुण जी- रतनू

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टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा )

सेवा के प्रयाय थे अरुण जी- रतनू
बीकानेर 12 फरवरी । बीकानेर में सेवा के प्रकल्पों को पूर्ण करने में अरूण प्रकाश गुप्ता का कोई मुकाबला नहीं था। आपने सदैव सहज निश्चल व सादगी पूर्ण जीवन जिया तथा सभी को यही संदेश दिया। ये विचार थे इनटेक बीकानेर चेप्टर के कन्वीनर पृथ्वी राज रतनू के। विगत 7 फरवरी को इंटेक के को कन्वीनर अरूण प्रकाश गुप्ता का निधन हो गया था। उनकी श्रद्धाजंलि सभा बुधवार 12 फरवरी को रोटरी सभागार में रखी गई। रतनू जी ने कहा कि मुझे समय की पाबंदी सिखाने में गुप्ता जी का योगदान था।

उनकी दिनचर्या में अधिकांश समय सेवा में ही व्यतीत होता था। 2019 में उन्हीं के प्रयासों से इनटेक की स्टेट लेवल की सेमीनार बीकानेर हुई। ये उनके कार्य कुशलता का ही परिणाम था। वरिष्ठ सदस्य श्री मनमोहन कल्याणी ने कहा कि मैं 1984 से इनसे जुड़ा हूं। मुझे रोटरी और सेवा प्रकल्प से जोड़ने में उन्ही का योगदान था। बुधवार को दोपहर 1 से 3 बजे मेरे ऑफिस में आना और भविष्य योजनाओं और इंटेक को कैसे आगे बढ़ाया जाए की चर्चा करना उनका मनों शौक था। नंदलाल वर्मा ने कहा कि वे सरल व्यक्तित्व के धनी थे और सदैव आत्मीयता से मिलते थे। श्री एम एल जांगिड ने कहा कि विगत दिनों जब उनकी वैवाहिक वर्षगांठ पर मिलना हुआ तो लगा कि वे फिर से जवान हो रहे हैं, लेकिन ईश्वर ने ने अपने पास बुला लिया। उनके बताए रास्तों पर चलना हम सब की जिम्मेदारी है। रोटरी आई हॉस्पिटल के डॉ आशीष जोशी ने कहा मुझे सदैव एक स्वस्थ माहौल अस्पताल में दिया और आज आई हॉस्पिटल जिस मुकाम पर है अरुण जी के ही प्रयासों से है। उन्होंने सदैव कहां कि तुम मेडिसिन पर ध्यान दो बाकी का काम मैं करता हूं। साहित्यकार राजेंद्र जोशी जी ने कहा कि मैं पिछले 40 साल से जुड़ा रहा। बीकानेर में पहला रोट्रैक्ट क्लब हमने ही बनाया था। वे न केवल बैंक कर्मी थी बल्कि एक रंग गर्मी भी थे। कमल रंगा ने कहा कि उनके द्वारा राजस्थानी भाषा के लिए जो कार्य किया गया है वह अविस्मरणीय है। उनके सहयोग के लिए हम सभी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। इंटेक के सदस्य डॉ रितेश व्यास ने कहा कि मैं यदि आज इनटेक मैं हूं तो उन्हीं के कारण हूं। उन्होंने ही मुझे इसकी सदस्यता दिलवाई थी। मेरे लिए यह अविस्मरणीय दिन था। उनकी यहां एक और राज्स स्तरीय संगोष्ठी का विचार था जो उनके रहते नहीं हो पाई। यदि इंटेक भविष्य में इस प्रकार का आयोजन करता है तो यह के लिए सच्ची श्रद्धान्जली होगी। इस सभा में डॉ मोहम्मद फाहरुख चौहान, रवी पुरोहित, कमल किशोर पारीक, राजेंद्र वालेचा, उज्जवल बच्छावत, ओम प्रकाश शर्मा, नवीन गौड, अरविंद व्यास, शिवकुमार व्यास, सुभाष बिश्नोई, डॉ एस एन सोनी, राजाराम स्वर्णकार डॉ अजय जोशी ने भी विचार रखे।

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