अभिनन्दन नववर्ष 2022 का

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हेपी न्यू ईयर का उत्साह सर्वव्यापी देखने को मिल रहा है। विश्वव्यापी महामारी से उभरने की प्रार्थना करता हुआ मानव! वर्ष 2022 के प्रभात के सुखःद दर्शन को आहल्लादित है।
त्राहीमाम के दुखःद वर्ष 2021 को अलविदा करता हुआ मानव! उज्जवल भविष्य की आशाओं में सुर्य की प्रथम किरण के स्वागत व अभिनन्दन को उत्सुक है।
नववर्ष के पावन त्यौहार पर दुनिया का कोना कोना
जगमगा रहा है।ऊंचाइयों के आसमां को छुने को बेताब है।वैवाहिक सिजन के मध्येनजर बाजारों में विश्वास का गज़ब उत्साह नज़र आ रहा है।


नववर्ष पर हमें पाश्चात्य संस्कृति अनुसार सिर्फ पार्टियों की खुसियों तक ही सिमित नहीं रहना है बल्कि हमारी भारतीय संस्कृति के अनुरूप मनमोहक पार्टियों से उभरी भीनी भीनी खुसियों की सुगंधित महक को समाज के कमजोर व महामारी से पीड़ित परिवारों एवं हमारे इर्दगिर्द जरुरतमंदों के घरों में पहुंचाकर खुसनुमा माहौल से यथासंभव चहूंओर सुगंधित सौम्य वातावरण को प्रस्फुटित करना है।
यह वर्ष हमारे इरादों का ऐसा फौलादी वर्ष हो! जैसा सुर्य का तेज! जिसके सेवन मात्र से विटामिन डी जैसे महत्त्वपूर्ण विटामिन और भरपूर केलशियम का भण्डार तथा हमारे जीवन में छाए हुए अन्धियारे को दुर भगाने का आलोकिक दिव्य प्रकाश मिलता है।
ओमिक्रोन की आहट के बावजूद जगत कल्याण की अभिलाषा व विकास के पथ पर हमें दृढ़ संकल्प से सृष्टि के नव निर्माण में सामाजिक व धार्मिक संगठनों व सरकारी संस्थानों, प्रशासनिक अधिकारियों,सेवाकारों, उद्योगपतियों व कारोबारियों को हमारे अभिभावकों के विशाल अनुभवों व युवाशक्तियों की बैजोड़ ताकत से पारिवारिक जनमानस को संगठित करके एक मत से लक्ष्यबद्ध नवनीत कार्यों में गतिशील होकर लड़खड़ाती हुई आर्थिक स्थितियों को सुदृढ़ करने का प्रयास करना चाहिए। ताकि हम भावीपीढ़ी को वर्ष2022की सौगात देने में सफलता प्राप्त कर सकें।
राष्ट्रहित में हमें जागरूक नागरिक का कर्त्तव्य निर्वाहन करना होगा और अविस्मरणीय कोराना के दुखःद कार्यकाल में नेताओं के चरित्र को दृष्टिगत रखते हुए मतदाताओं को आगामी चुनावों में शत-प्रतिशत वोट डालने का संकल्प लेना होगा तभी हमारे विकास का लक्ष्य चरितार्थ होगा और राष्ट्रद्रोहियों को बताते हुए “जाग उठा हिन्दुस्तान” का जय घोष वर्ष 2022 का गुंजायमान करना होगा।
आज़ादी का अमृत महोत्सव अकल्पनीय हो और रचनात्मक कार्यों के साथ ही साथ मानवीय सेवाओं में करुणा की विचारधाराओं का 2022में पुनः उद्धभव हो राष्ट्रीय स्तर पर “करुणा वर्ष”का असाधारण प्रारुप बनें, ताकि उथल पुथलाहट से अस्त व्यस्त मानव को संबल मिलें जिससे ऋषि मुनियों द्वारा प्रदत्त भारतीय संस्कृति पर नई जैनरेशन का विश्वास प्रगाढ़ बनें।
वर्ष 2022 मंगलमय हो!कल्याणकारी हो!इसी मंगलकामनाओं के साथ नववर्ष के प्रभात को नमन।


रचनाकार::

मोहनलाल भन्साली “कलाकार” गंगाशहर
मो. 7734968551

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