बाईपास रेल लाइन की संभावना तलाशी जाए
टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा )
बीकानेर 10 फरवरी । बीकानेर व्यापार संगठन की ओर से आज एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता नरपत सेठिया ने की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कोटगेट एवं सांखला रेल क्रॉसिंग पर लंबे समय से बनी यातायात जाम की समस्या के स्थायी समाधान पर विचार-विमर्श करना था। बैठक में अवगत कराया गया कि एक ओर सरकार द्वारा इन स्थानों पर अंडर ब्रिज एवं अंडरपास की परियोजना पर कार्य प्रगति पर है, वहीं दूसरी ओर इस परियोजना के विरोध में राजस्थान हाई कोर्ट में सुनवाई जारी है।

कोर्ट ने रेलवे को निर्देश दिए हैं कि शहर के बीच से गुजरने वाली रेल लाइन के विकल्प के रूप में बाईपास रेल लाइन की संभावना तलाशी जाए और रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उमेश मेहंदीरता ने बैठक में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आधे-अधूरे और जुगाड़ू तरीके से बनाए जा रहे अंडर ब्रिज एवं अंडरपास से भविष्य में गंभीर दुष्परिणाम हो सकते हैं, जैसे यातायात की असुविधा, सुरक्षा खतरे और शहर के विकास में बाधा। चर्चा में उपस्थित सभी प्रबुद्धजनों ने एकमत होकर राय दी कि समस्या का पूर्ण एवं स्थायी समाधान वर्ष 2003 में रेलवे की पिंक बुक में शामिल की गई बाईपास रेल योजना को पुनः मूर्त रूप देने में ही निहित है। दुर्भाग्यवश, सरकार बदलने के बाद 2005 में इस योजना को रोक दिया गया था। इस बाईपास रेल लाइन के क्रियान्वयन से न केवल कोट गेट-सांखला फाटक की जाम समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी, बल्कि बीकानेर शहर के समग्र विकास को चार चांद लग जाएंगे, व्यापार-कारोबार में वृद्धि होगी और शहर के दोनों हिस्सों के बीच निर्बाध आवागमन संभव होगा। बैठक में प्रमुख रूप से प्रेम खंडेलवाल, श्याम तंवर, शांतिलाल कोचर, मांगीलाल झाबाक, जफर अली, शिव कुमार सहित अनेक प्रबुद्धजन एवं व्यापारीगण उपस्थित रहे। बीकानेर व्यापार संगठन ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि शहर की इस ज्वलंत समस्या के समाधान हेतु बाईपास रेल योजना को प्राथमिकता दी जाए और हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप शीघ्र कार्रवाई की जाए।



