डबल इंजन सरकार में गांव-गांव पहुंची स्वास्थ्य सेवाएं — खींवसर
टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा )
पीबीएम और मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं पर चिकित्सा मंत्री खींवसर ने ली समीक्षा बैठक
राजस्थान में स्वास्थ्य सुविधाओं का मॉडल पूरे देश में बन रहा उदाहरण : खींवसर
बीकानेर, 26 मई । राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने मंगलवार को सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में पीबीएम अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक समीक्षा बैठक ली। बैठक में बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास तथा बीकानेर पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी भी मौजूद रहीं।
प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार ने किया स्वागत
बैठक के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने चिकित्सा मंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया, एसएसबी अधीक्षक डॉ. संजीव बुरी, जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुनील हर्ष, कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. पिंटू नाहटा, माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. तरुणा स्वामी, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. परमेंद्र सिरोही, एंडोक्राइनोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. हरदेव नेहरा, बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र जीनगर, ईएमडी प्रभारी डॉ. जितेंद्र आचार्य सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष एवं नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन से हुई बैठक की शुरुआत
बैठक की शुरुआत अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. रेखा आचार्य द्वारा प्रस्तुत पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन से हुई। प्रस्तुतीकरण में पीबीएम अस्पताल में संचालित राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं, पेशेंट केयर, मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं तथा स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी गई।

“डबल इंजन सरकार में गांव-गांव पहुंची स्वास्थ्य सेवाएं” — खींवसर
चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने समीक्षा के दौरान सभी विभागाध्यक्षों की समस्याओं एवं आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना और त्वरित समाधान का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में डबल इंजन सरकार की वजह से राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंची हैं और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी सोच का सकारात्मक परिणाम प्रदेशभर में दिखाई दे रहा है।
खींवसर ने बताया कि पिछले वर्षों में राज्य सरकार ने मेरिट आधारित प्रक्रिया से लगभग 30 हजार स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्तियां की हैं, जिनमें डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की सिफारिश के बजाय योग्यता को प्राथमिकता दी गई है।
सरकारी अस्पतालों पर जनता का भरोसा बढ़ा
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना सहित विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं के कारण आमजन का भरोसा सरकारी अस्पतालों एवं सरकारी डॉक्टरों पर लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान की स्वास्थ्य योजनाओं की चर्चा आज देशभर में हो रही है और अन्य राज्य भी इन योजनाओं को लागू करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। मरीजों को बेहतर और प्रतिबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पीबीएम की व्यवस्थाओं की ली विस्तृत जानकारी
बैठक के दौरान चिकित्सा मंत्री ने पीबीएम अस्पताल की आईपीडी, ओपीडी, भवनों की स्थिति, सरकारी योजनाओं एवं विभिन्न विभागों की व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी विभागाध्यक्षों से ली।
उन्होंने प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार को निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज, पीबीएम एवं एसएसबी अस्पताल की संयुक्त टीम अगले सप्ताह जयपुर पहुंचकर महत्वपूर्ण मांगों एवं समस्याओं का प्रस्तुतिकरण करे, ताकि उनका शीघ्र निस्तारण किया जा सके।
खींवसर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
सप्लाई व्यवस्था पर तत्काल कार्रवाई
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना में कैन्युला, नीडल्स एवं कैथेटर जैसी आवश्यक वस्तुओं की कमी का मुद्दा सामने आया। इस पर चिकित्सा मंत्री ने तुरंत राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड के एमडी से फोन पर बात कर सप्लाई चेन में आ रही समस्याओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।
पीबीएम में मरीजों को पारिवारिक माहौल में मिल रही सेवाएं” — डॉ. बी.सी. घीया
पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने चिकित्सा मंत्री को जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में पीबीएम अस्पताल में काबिल डॉक्टर एवं नर्सिंग स्टाफ सेवाएं दे रहे हैं, जो मरीजों को पारिवारिक माहौल में उपचार उपलब्ध करवाते हैं।
उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की जन शिकायत का त्वरित प्रभाव से निवारण करने का प्रयास किया जाता है। कई बार समस्याएं बड़ी होने पर प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से उनका समाधान करवाया जाता है।
विधायकों ने रखे अपने सुझाव
बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास ने बैठक में पीबीएम अस्पताल में भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण में जनहित के कार्य करने की बात कही। उन्होंने जिला अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से पीबीएम पर मरीजों का भार कम होने की जानकारी भी चिकित्सा मंत्री को दी।
वहीं बीकानेर पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी ने कहा कि पीबीएम अस्पताल आमजन के विश्वास का केंद्र बन चुका है और यह विश्वास यहां कार्यरत डॉक्टरों की मेहनत एवं समर्पण का परिणाम है।
प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार बोले— “सकारात्मक माहौल में हुई सार्थक बैठक
प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार ने कहा कि सकारात्मक वातावरण में हुई इस बैठक में सभी विभागों से जुड़ी आवश्यकताओं एवं समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि चिकित्सा मंत्री ने अधिकांश मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया है तथा अगले सप्ताह मेडिकल कॉलेज, पीबीएम एवं एसएसबी की संयुक्त टीम को जयपुर बुलाया गया है।
विभागाध्यक्षों ने रखी अपने विभागों की प्रमुख मांगें
बैठक में विभिन्न विभागाध्यक्षों ने भी अपने विभागों की आवश्यकताओं को रखा। कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. पिंटू नाहटा ने सीटीवीएस सर्जरी विस्तार हेतु अतिरिक्त स्टाफ की मांग की। यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश आर्य ने जर्जर भवन के पुनर्निर्माण की मांग रखते हुए कहा कि इससे भविष्य में बीकानेर में किडनी ट्रांसप्लांट सेवाएं शुरू की जा सकती हैं। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. परमेंद्र सिरोही ने मेडिसिन विंग के लिए स्टाफ एवं उपकरणों की आवश्यकता बताई, जबकि फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. बिनावरा ने असिस्टेंट प्रोफेसर पद भरने की मांग रखी। अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. नारंग लाल महावर ने मल्टी टास्किंग स्टाफ एवं लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति की आवश्यकता बताई।



