सैनिक बोर्डर पर व पत्रकार जनता के बीच देश हित में अग्रणी

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टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा )

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर राष्ट्रीय कवि चौपाल में अजीज भुट्टा, प्रकाश सामसुखा, दिलीप गुप्ता गुप्ता, मनोज व्यास का किया सम्मान

सैनिक बोर्डर पर व पत्रकार जनता के बीच देश हित में अग्रणी .

बीकानेर 31 मई। राष्ट्रीय कवि चौपाल की 570 वीं श्रंखला दोहरे सामयिों विषय हिंदी पत्रकारिता दिवस एवं विश्व तम्बाकू निषेध दिवस को यानी व्यसन मुक्त जीवन समर्पित रही आज कार्यक्रम की अध्यक्षता में सरदार अली परिहार, मुख्य अतिथि में डॉ हरिदास हर्ष, रवि पुरोहित अज़ीज़ भुट्टा, प्रकाश सामसुखा, दिलीप गुप्ता, मनोज व्यास, आदि मंच सुशोभित हूए कार्यक्रम शुभारम्भ करते हुए रामेश्वर साधक ने ईद की बधाई देते हुए विषयांतर्गत कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है जिसकी सक्षमता अविधा भ्रांति दूर कर सत्य स्थायित्व देता है एक सूत्र में बांधते हुए सर्वांगीण विकास में गतिशील है।


कार्यक्रम अध्यक्ष ने पत्रकारिता के 200 वर्ष की पूर्णता पर सम्मानित पत्रकार को बधाई दी। मुख्य अतिथि डॉ हरिदास हर्ष ने .. वासुदेव तुम्हारे बिना पार्थ कुछ भी नहीं कर सकता, संसारी उत्तरदायित्व में वह मर भी नहीं सकता। विशिष्ट अतिथि रवि पुरोहित ने सितारों की दुनिया के काव्यांश.. जीवन अंधेरी गली बन जाता है जब, और हर मोड़ पर, खड़ा मिलता अनजाना भय, .. पत्रकार अजीज भुट्टा ने पत्रकारिता के 3 दशकों के संस्मरण साझा करते हुए कहा यथार्थ पत्रकारिता सहज नहीं चुनोती भरा सद् कृत्य है, इससे पूर्व साधक ने ईश वंदना की

प्रमोद शर्मा : डर के मारे कांप रहा हूं ,हांफ रहा हूं सजनी मैं। काटू तो अब काटूं कैसे, लम्बी चौड़ी रजनी में।

कासिम बीकानेरी: पर कटे परिंदे से, कोई जाकर ये पूछो, कैसे ले जाओगे चिट्ठियां मुहब्बत की।… विजय कोचर : सैनिक बोर्डर पर लड़ते हैं, और पत्रकार जनता के बीच रहकर यथार्थ जन चेतना में अग्रणी रहते हैं, .. कैलाश टाक : कुछ बातें मुझे बार-बार खटकती है, जवानी में आंखें क्यों मटकती है।

रामेश्वर साधक ने राष्ट्रीय कवि चौपाल के 12 वें वर्ष में पदार्पण पर विलक्षण नवाचार.. राजस्थानी भाषा समर्पित महा हस्तियों के सम्मान में सुझाव मांगे ,.. तथा 573 वीं श्रंखला से अनवरत एक वर्ष तक प्रति सप्ताह कालजयी – दिग्विजयी – अनन्तविजयी तीन सम्मान की घोषणा की।

इसी बीच राष्ट्रीय कवि चौपाल सरस्वती प्रांगण में अजीज भुट्टा, प्रकाश सामसुखा, दिलीप गुप्ता गुप्ता, मनोज व्यास आदि पत्रकारों का शाॅल, फल, एवं रत्न जड़ित मोतीयन माला से मंच एवं कवि वृंद द्वारा सम्मान किया गया

शिव दाधीच : ये कैसा नवपरिवेश देश का, कैसी ये लाचारी है, नशामुक्त हो देश हमारा, यही सच्ची रखवाली है,.. बमचकरी : शुगर री गोली चाले, बीपी भी तो फोड़ा घाले छल्ला पड़िया हार्ट मा ही बाकी सब ठीक है… कृष्णा वर्मा : सकारात्मक सोच अपनाओ और चिंता मुक्त हो जाओ,.. मेहराजुद्दीन : मैं उसके लिए सब छोड़ कर आया, उसने तो हमसे बिना मिले ही छोड़ दिया,.. राधा किशन सोनी : चलत मुसाफिर मन मोह लिया रे पिंजरे वाली मैना ने,… पवन चड्ढ़ा : देखिये ये संसार है यही संसार है ।

आज के कार्यक्रम में 20 प्रस्तुतियां हुई तथा कार्यक्रम में एकता सारण, सरोज गुप्ता, जयश्री तंवर, एडवोकेट उमा शर्मा, धर्मेंद्र राठोड़, सिराजुद्दीन भुट्टा, बाबू लाल सोनी, घनश्याम सौलंकी, किशन लाल, छोटू खां, भवानी सिंह शिवबाड़ी, साकिर पत्रकार, विनोद शर्मा, निशांत शर्मा, लक्ष्मण दास, देवेन्द्र कुमार, आदि कई गणमान्य साहित्यानुरागी उपस्थित रहे कार्यक्रम संचालन चुटिले अंदाज में शिव दाधीच बीकानेरी एवं बमचकरी भाई ने किया।

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