अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) ने निकाली भगवान जगन्नाथ की सवारी
टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा )
बीकानेर 19 जुलाई । अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) बीकानेर के तत्वावधान में बीकानेर में इस वर्ष भव्य रथ यात्रा 19 जुलाई को निकाली गई।
यह भव्य रथ यात्रा में लगभग 500 श्रध्दालु इकत्रित हुए। यह यात्रा नथूसर गेट से निकाली गई और इसमें इस्कॉन जोधपुर मंदिर के अध्यक्ष श्रीमान सुंदर लाल प्रभुजी और जोधपुर से अनेक भक्त भी शामिल हुए।

इस्कॉन के केंद्र प्रभारी संकर्षण प्रिय दास ने भगवान श्री जगन्नाथ जी की महिमा बताते हुए बताया कि जगन्नाथ जी ही कलयुग के आराध्य देव है। वो इतने दयालु है कि जो लोग इतने व्यस्त है कि मंदिर के अंदर उनका दर्शन करने नहीं जा सकते है उनके लिए जगन्नाथ जी स्वयं बाहर आ कर उनका उद्धार करते है। जिस प्रकार जब हम थोड़ा बीमार होते है तो डॉक्टर के पास जाते है लेकिन जब बीमारी ज़्यादा बढ़ जाती है तो डॉक्टर को हमारे पास आना पड़ता है इसी प्रकार से जगन्नाथ ही हमारे असली डॉक्टर है जो हमारा उद्धार करने के लिए ख़ुद रथ पर चढ़ के हमारे पास आते है।

रथ नथूसर गेट से होते हुए कई प्रमुख क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए अग्रसेन भवनके सामने पहुँचा जहाँ सभी भक्तों के लिए जगन्नाथ जी का महाप्रसाद उपलब्ध था।
जगह-जगह रथ के स्वागत के लिए रंगोली बनाई गयी। साथ ही जो भी श्रद्धालु भगवान श्री जगन्नाथ जी का दर्शन करने आये थे वो उन्हें पुष्प अर्पित किए। इस्कॉन के भक्त जन हर रोज़ प्रातः हरे कृष्ण महामंत्र का नगर संकीर्तन निकाला करते थे ताकि बीकानेर के सभी नागरिक इस रथ यात्रा का हिस्सा बन पाए।
अन्य भक्तों से वार्तालाप करते हुए हमने जाना कि उन्हें बिल्कुल पुरी की रथ यात्रा का अनुभव बीकानेर में हो रहा था क्यूँकि सामने वह श्री श्री जगन्नाथ बलदेव सुबधरा महारानी और सुदर्शन प्रभु को रथ पर आरूढ़ देख रहे है और सभी भक्त भगवान के रथ को रस्सी से खिंचने का प्रयास कर रहे है साथ ही पूरे वातावरण में उच्च स्वर से मधुर श्री हरिनाम संकीर्तन का यशोगान हो रहा है।

इसके साथ साथ बहुत सारे भक्त रथ यात्रा के दौरान भी खिचड़ी प्रसाद का वितरण भी कर रहे थे ताकि जो भी दर्शनार्थी आये उन्हें प्रसाद अवश्य मिले जैसा कि हम जानते है “जगन्नाथ के भात दुनिया पसारे हाथ”
इसके साथ साथ अनेक भक्त जन इस्कॉन के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद जी की पुस्तकों का वितरण कर रहे थे! ऐसा इसलिए ताकि जो भी श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ जी का दर्शन करने आये है वो दर्शन का पूरा लाभ ले और वह तब हो पाएगा जब वो व्यक्ति हर रोज़ भक्ति के विधि विधान का पालन करेगा।
इस्कॉन में संडे सेंटर पर रथ पहुँचने के उपरांत सभी जगन्नाथ भक्तों के लिए पूरे प्रसादम की व्यवस्था थी।
इन सभी भक्तों का उत्साह और भव्य रथ यात्रा आयोजन ने बीकानेर शहर को एक दिन के लिए पुरी में परिवर्तित कर दिया था।



