वो एक तोहफ़ा जिसे कहते हैं हम आज़ादी, हमें किया है अता यादगार बापू ने
टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा )
गांधी पार्क में राज्य स्तरीय त्रिभाषा काव्य संध्या हुई संपन्न
वो एक तोहफ़ा जिसे कहते हैं हम आज़ादी
हमें किया है अता यादगार बापू ने
बीकानेर 20 अगस्त। बीकानेर साहित्य संस्कृति कला संगम व महात्मा गांधी जीवन दर्शन संस्थान बीकानेर की तरफ से गांधी पार्क स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा स्थल पर एक राज्य स्तरीय त्रिभाषा काव्य संध्या का आयोजन रखा गया।
कला संगम के संस्थापक अध्यक्ष वरिष्ठ शायर क़ासिम बीकानेरी ने बताया कि इस काव्य संध्या में नगर व प्रदेश के एक दर्जन से अधिक रचनाकारों ने हिंदी, उर्दू एवं राजस्थानी भाषा की कविताओं एवं शे’रो शायरी से महात्मा गांधी के जीवन दर्शन को सामने रखा।

काव्य संध्या की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ शायर ज़ाकिर ‘अदीब’ ने कहा कि आज के हालात में गांधी जी का दर्शन प्रासंगिक है, जब तक अहिंसा के समर्थक यहां रहेंगे तब तक गांधी जी का दर्शन प्रासंगिक रहेगा। आपने कहा कि गांधी एक विचार है जिसे ख़त्म नहीं किया जा सकता।
काव्य संध्या के मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि कथाकार प्रमोद कुमार शर्मा ने कहा कि गांधी जी ने अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए आज़ादी की जो अलख जगाई वैसी मिसाल कोई दूसरी नहीं मिलती।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ कवि जुगल किशोर पुरोहित ने कहा कि संस्था ने गांधी जी की याद में यह बेहतरीन कार्यक्रम करवा कर एक सराहनीय कार्य किया है इसके लिए दोनों संस्थाओं के पदाधिकारी धन्यवाद के पात्र हैं।

काव्य संध्या में अपना कलाम पेश करते हुए ज़ाकिर ‘अदीब’ ने-
‘वो जिनके पांव में ज़ंजीर थी ग़ुलामी की/बना दिया है उन्हें ताजदार बापू ने’ शे’र के ज़रिए महात्मा गांधी जी द्वारा आज़ादी के लिए किए गए प्रयासों को बख़ूबी सामने रखा। प्रमोद कुमार शर्मा ने – कृष्ण कैयो है गीता जी में समता ही योग हुए’ आध्यात्मिक रचना पेश की। जुगल किशोर पुरोहित ने- ‘गांधी जी कहते सदा सत्य अहिंसा मूल/इनका जो पालन करें हों दु:ख नष्ट समूल’ रचना पेश की।
शायर क़ासिम बीकानेरी ने देशभक्ति ग़ज़ल पेश की। आपका यह शे’र- ‘यह गांधी जी का भारत है ये है आज़ाद की भूम/यहीं पैदा हुए हैं तुलसी-ओ-रसख़ान लिख देना’ ख़ूब सराहा गया।
काव्य संध्या में जोधपुर के कवि गौतम कुमार गट्स जैन ने- ‘ज़मीर है पुकारता सो रहा है आज क्यों/ सत्य के लिए ख़ामोश है तू आज क्यों’ पंक्तियों से श्रोताओं से वाहवाही लूटी।
काव्य संध्या में वरिष्ठ कवयित्री मोनिका गौड़,वरिष्ठ कवि राजा राम स्वर्णकार, युवा कवि विप्लव व्यास और राजस्थानी कवि डॉ. कृष्ण लाल बिश्नोई ने राजस्थानी काव्य की रंगत बिखेरी। श्री डूंगरगढ़ से पधारी कवयित्री भगवती पारीक ‘मनु’, शायर अब्दुल जब्बार ‘जज़्बी’,कवि कैलाश टाक, शमीम अहमद ‘शमीम’ ने एक से बढ़कर एक कविताएं पेश करके गांधीजी को शाब्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन दर्शन की प्रासंगिकता बताई।
काव्य गोष्ठी की शुरुआत में सभी का स्वागत जयपुर से पधारे श्याम सुंदर जोशी ने किया। अंत में सभी का आभार संजय आचार्य ने ज्ञापित किया। कार्यक्रम में इंजी. हनुमंत गौड़ ‘नज़ीर’, डॉ. अजय जोशी, किशन लाल, नवनीत कौर, मोहनलाल व्यास व नारायण दास किराडू सहित अनेक प्रबुद्ध जन मौजूद थे। काव्य संध्या का सरस एवं सफल संचालन शायर क़ासिम बीकानेरी ने किया।





