ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक स्थल गजनेर का शैक्षणिक भ्रमण
टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा )
गजनेर बना ज्ञान की खुली पाठशाला, इतिहास, संस्कृति और प्रकृति से रूबरू हुए बेसिक पी.जी. कॉलेज के विद्यार्थी
बीकानेर, 22 अगस्त। बेसिक पी.जी. कॉलेज, बीकानेर द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा उनके शैक्षणिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ने के उद्देश्य से स्थानीय ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक महत्व के स्थल गजनेर का एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह, जिज्ञासा और अनुशासन के साथ सहभागिता करते हुए गजनेर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, भौगोलिक एवं प्राकृतिक विशेषताओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सुरेश पुरोहित ने बताया कि इस भ्रमण का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को स्थानीय विरासत से परिचित कराना, उनमें अवलोकन एवं विश्लेषण की क्षमता विकसित करना तथा राजस्थान की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जागरूक बनाना था। शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को यह अनुभव हुआ कि शिक्षा केवल पुस्तकों और कक्षा-कक्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक जीवन, प्रकृति, इतिहास, संस्कृति और स्थानीय परिवेश से जुड़कर ही ज्ञान अधिक व्यापक, जीवंत और सार्थक बनता है।

गजनेर पहुंचने पर विद्यार्थियों ने वहां के ऐतिहासिक महत्व, स्थापत्य विशेषताओं तथा प्राकृतिक वातावरण का गहनता से अवलोकन किया। उन्होंने क्षेत्र के विकास, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने भ्रमण के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का निरीक्षण करते हुए वहां की विशेषताओं को समझा तथा संबंधित जानकारियों को अपने शैक्षणिक दृष्टिकोण से संकलित किया।
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापकों डॉ. मुकेश ओझा, पवन अनवाल, सीताराम प्रजापत, हिमांशु बिदावत, गीता, कोमल छींपा ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए स्थानीय इतिहास और विरासत के संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण केवल सरकारी या प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक का दायित्व है। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को गजनेर के प्राकृतिक परिवेश का भी अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, जैव-विविधता तथा प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को समझते हुए इस बात पर चर्चा की कि बढ़ते शहरीकरण और आधुनिक जीवनशैली के बीच प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण किस प्रकार किया जा सकता है।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने गजनेर की ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक विशेषताओं को निकट से देखा और राजस्थान की गौरवशाली विरासत के प्रति अपनी जिज्ञासा व्यक्त की। विद्यार्थियों ने यह भी महसूस किया कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि इनके माध्यम से उनमें टीमवर्क, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल, समय प्रबंधन और सामूहिक जिम्मेदारी जैसे गुणों का विकास होता है।
महाविद्यालय प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष श्री रामजी व्यास ने इस अवसर पर कहा कि शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों की शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, रोचक और अनुभवपरक बनाते हैं। पुस्तकीय ज्ञान के साथ जब विद्यार्थी किसी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक या प्राकृतिक स्थल का प्रत्यक्ष अध्ययन करते हैं, तो उनकी समझ अधिक व्यापक होती है और उनमें विषयों के प्रति गहरी रुचि विकसित होती है। इसी उद्देश्य से बेसिक पी.जी. कॉलेज विद्यार्थियों के लिए समय-समय पर ऐसे शैक्षणिक एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित करता रहता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए तथा इस शैक्षणिक यात्रा को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक और स्मरणीय बताया। विद्यार्थियों ने कहा कि गजनेर का यह भ्रमण केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति, प्रकृति और अनुभव से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर था।
बेसिक पी.जी. कॉलेज, बीकानेर द्वारा आयोजित गजनेर का यह शैक्षणिक भ्रमण अत्यंत सफल एवं प्रभावशाली रहा। इस आयोजन ने विद्यार्थियों के ज्ञान में वृद्धि करने के साथ-साथ उनमें अपनी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के प्रति सम्मान, गौरव और संरक्षण की भावना को भी सुदृढ़ किया। महाविद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी विद्यार्थियों के बौद्धिक, सामाजिक एवं व्यक्तित्व विकास के लिए ऐसे उपयोगी और उद्देश्यपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।





