जैन महासभा ने आयोजित किया नमित मेहता दम्पति का मंगल भावना समारोह

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बीकानेर , 22 जनवरी।  जैन महासभा बीकानेर  ने निवर्तमान जिला कलेक्टर नमित मेहता का मंगल भावना समारोह आयोजित किया।  समारोह में स्वागत  करते हुए अध्यक्ष जैन लूणकरण छाजेड़ ने  कहा कि  सरकारी अधिकारी व साधु का जीवन एक जैसा है।  साधु तो लगभग प्रतिवर्ष अपने गुरु केआदेश  से विहार कर देतें हैं उनका प्रवास जिस तरह स्थायी नहीं होता ठीक उसी तरह सरकारी अधिकारी का भी प्रवास  स्थायी नहीं रहता है।  स्थानान्तरण आदेश आते ही प्रस्थान करना पड़ता है।छाजेड़ ने कहा कि नमित मेहता स्वयं पीपी किट पहन कर  कोविड सेंटर चले जाते थे।  ये स्वयं कोरोना पॉजीटिव हो गए थे  फिर भी उन्होंने भरपूर  कोशिशें की तथा पूर्ण  सामर्थ्य से कार्य पर डटे  रहे, जिसका ही नतीजा है कि बीकानेर इस विकट  परिस्थिति का मुकाबला कर पाया।  नमित मेहता के कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन्होने अपने जज्बे , कर्मजा शक्ति से जैनी होने का परिचय दिया है अतः जैन महासभा आपका स्वागत व अभिनन्दन करता है।  पूर्व अध्यक्ष विजय कोचर  ने कहा कि कोरोना के बावजूद  बीकानेर की रेलवे क्रॉसिंग की समस्या का भी समाधान निकाल लिया। उन्होंने कहा  कि “रानी बाज़ार रेलवे क्रॉसिंग पर अंडर ब्रिज का काम शुरु हो चुका है। रिद्धकरण सेठिया ने कहा कि नमित मेहता’ बीकानेर के ऐसे कलेक्टर हैं, जिन्होंने यहां कोरोना की तीनों लहरों में मानवीय आपदा का प्रबंधन किया। संकट की इस घड़ी में एक कप्तान की तरह डटे रहे।

जयचन्द लाल डागा व  मोहन सुराणा ने कहा कि अगर प्रशासनिक अधिकारी, संवेदनशीलताओं और जनहित के विजन के साथ सरकारी व्यवस्थाओं को बर्ताव में लाते हैं तो जनता उन्हें याद करती हैं। यही कारण है कि आज जगह जगह पर इनका विदाई समारोह मनाया जा रहा है।  विजय कोचर-2, सुमित कोचर, रवि पुगलिया , सुरपत बोथरा  इत्यादि व्यक्तियों ने भी उद्गार रखे।  
 अपने मंगल भावना समारोह का जबाब देते हुए मेहता ने कहा कि आने वाले का स्वागत तो लोग करतें हैं, परन्तु जाने वाले को  सिर-आंखों पर बैठाकर विदाई दी जा रही  है जो बीकानेर की महान  संस्कृति को उजागर करती है । उन्होंने  अभिभूत होकर जैन समाज  के प्रति आदर भाव व्यक्त करते हुए कहा कि मैंने जो कार्य किया उससे 100 गुना ज्यादा सम्मान मिला है।   मेहता ने कहा कि  बीकानेर से विदाई पर किसी परिजन को विदा करने जैसी पीड़ा दिल में उठती है। बीकानेर को मैं   कभी भुला नहीं पाऊंगा ।
 मेहता ने कोरोना कहर पर टिप्पणी करते हुए कहा  कि  शताब्दी बाद ऐसी महामारी आयी है भगवान ऐसे दिन फिर न दिखाएं, लेकिन हमें मानवता की सेवा का एक सुनहरा मौका मिला है।
आभार व्यक्त करते हुए महामंत्री  सुरेन्द्र जैन ने कहा कि  बीकानेर में नमित मेहता का कार्यकाल 19 महीनों का रहा। उनका पूरा कार्यकाल कोरोना की भेंट चढ़ गया, लेकिन उन्होंने इस ‘आपदा को सेवा के अवसर में बदल दिया। नमित मेहता को तिलक पार्षद सुमन छाजेड़ व  कंचन छल्लाणी ने किया , मोतियों की माला से स्वागत चम्पक मल  सुराणा , पताका चंद्र प्रकाश नौलखा , साफा इंद्रमल सुराणा ने शॉल  बल्लभ कोचर ,विजय बांठिया , कुणाल कोचर ,अशोक श्रीश्री माल , व स्मृति चिन्ह जैन लूणकरण छाजेड़ व सुरेन्द्र  बद्धानी ने भेंट किया।  नामित मेहता को माल्यार्पण व पताका पहनाने वालों की कतार लग गयी। नामित मेहता की पत्नी विनीता  मेहता का भी जैन महासभा की तरफ से माल्यार्पण , शॉल , पताका भेंट कर अभिनन्दन किया गया. समारोह में उपस्थित सभी महिलाओं ने इसमें भाग लिया। अनेक संस्थाओं व व्यक्तियों ने भी अपनी अपनी तरफ से शॉल , स्मृति चिन्ह व मालाओं से नामित मेहता का अभूतपूर्व सन्मान किया।
समारोह में के. एल. बोथरा , सुमती बांठिया , श्रीमती प्रीति डागा , श्रीमती ज्योति सेठिया सहित जैन महासभा महिला मंडल , शांतिलाल भंसाली ,  मोहित डागा ,एवंत डागा ,अमर चन्द  सोनी , जतन संचेती , दिलीप कातेला , जयचन्द  लाल सुखानी , राजेश गोयल , शिखरचंद , मनोज सेठिया , राजेंद्र बोथरा , जैन यूथ क्लब के सदस्य  एवं अनेक  जैन संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित हुए।

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