प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षकों की जायज माँगो को पूरी करवाने हेतु मिले जिला कलेक्टर से

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प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में कार्यरत व्यावसायिक शिक्षकों की जायज माँगो को पूरी करवाने हेतु मिले जिला कलेक्टर से
बीकानेर 12 फरवरी । शिक्षकों ने जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल का अभिनंदन करने के बाद उनसे मिलकर अपनी समस्याएं बताई और बताया कि हम 1810 व्यावसायिक प्रशिक्षक केन्द्र सरकार प्रवर्तित व्यावसायिक योजना के अन्तर्गत राजस्थान के राजकीय विद्यालयो में विद्यार्थियो को प्रशिक्षित व हुनरमंद बना रहे है। व्यावसायिक शिक्षा रोजगार उन्मुखी शिक्षा व आधुनिक तकनीकी युग की मांग है, जो विद्यार्थियो को हुनरमंद व आत्मनिर्भर बनाती है। इस कारण ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) में व्यावसायिक शिक्षा व शिक्षको के प्रति विशेष ध्यान रखा है।

  1. राजस्थान सरकार कार्मिक (क-ग्रुप-2)विभाग की अधिसुचना सं.एफ.17(4)कार्मिक/क-2/2014 जयपुर, दिनांक 11/01/2022 के अनुसार केन्द्रीय प्रायोजित योजना के क्रिन्यावन के लिए कार्मिको को संविदा पर रखने के लिए अधिसूचित किया गया है।
    मान्यवर व्यावसायिक शिक्षा योजना भी केन्द्रीय प्रायोजित योजना है और वर्तमान में इसके क्रिन्यावन के लिए कार्मिको को प्राइवेट कम्पनियों द्वारा नियोजित किया जाता है। इसलिए हम सभी यह मांग है कि हम कार्मिकों को भी राजस्थान सरकार कार्मिक (क-ग्रुप-2)विभाग की अधिसुचना सं.एफ.17(4)कार्मिक/क-2/2014 जयपुर दिनांक 11/01/2022 के अनुसार संविदा पर रखने की कृपा करावे ताकि हमारा इन कम्पनियों द्वारा लम्बे समय से चला आ रहा शोषण बंद हो सके व साथ ही इस योजना के क्रिन्यावन के लिए कम्पनियों को दिये जाने वाला सालाना करोडों रूपयों का राजकोष की भी बचत हो सके। इसके साथ ही MHRD की व्यावसायिक शिक्षा की गाइडलाइन्स में भी व्यावसायिक शिक्षकों को सीधे विभाग से नियुक्ति देने का भी विकल्प विद्यमान है |
  2. समग्र शिक्षा की Project Approval Board (PAB) 2021 की मीटिंग में हम राजस्थान के व्यावसायिक शिक्षको की सैलरी अप्रैल 2021 से 22000 रू स्वीकृत हुई है लेकिन अभी तक राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने इस वेतन वृद्धि को लागू नही किया है इसलिए विनम्र निवेदन है कि जल्द से जल्द अप्रैल 2021 से अब तक के बकाया एरियर सहित स्वीकृत वेतन 22000 रू का ऑर्डर जारी करवाने की कृपा करावे |
  3. राजस्थान सरकार ने कोरोना लॉकडाउन के समय आईटीआई गेस्ट लेक्चरर को कोरोनाकाल का मेहनताना दिया था जबकि 1810 व्यावसायिक शिक्षकों को 10 महीने तक (अप्रैल 2020 से फरवरी 2021) कोरोना महामारी जैसे विकट समय में टेंडर प्रक्रिया के नाम पर बेरोजगार रखा गया था इसलिए हमारी भी जायज माँग है कि आईटीआई गेस्ट लेक्चरर की तर्ज पर हम 1810 व्यावसायिक शिक्षकों को भी कोरोना काल में बेरोजगारी का मेहनताना अथवा भत्ता दिलवाने की कृपा करावे |
  4. तकनीकी समय की माँग को देखते हुए और अन्य राज्यों की तर्ज पर व्यावसायिक शिक्षा विषय को भी अनिवार्य विषय बनाया जाये

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