गरीबों पर रहम करो, बड़े बड़े भूमाफियों की जमीनों, होटलों, भवनों, मकानों पर क्यों नहीं चल रहा है बुलडोजर

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बीकानेर 19 मई । ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया ने संभागीय आयुक्त को चेताया गरीबों, पर रहम करो, बड़े बड़े भूमाफियों की जमीनों, होटलों, भवनों, मकानों पर क्यों नहीं चल रहा है बुलडोजर, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों से भी नहीं तोड़े जा सके अवैध कब्जे,, बेरोजगारी बढ़ेगी, गंभीरता से विचार करें। आज टीम सावधान इण्डिया077के राष्ट्रीय अध्य्क्ष ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया ने एक ज्ञापन बीकानेर के संभागीय आयुक्त को भेजकर आग्रह सहित चेतावनी दी कि पिछले15 दिनों से बीकानेर शहर मैं चारों और बाजारों, प्रमुख मार्गों से अवैध कब्जों को हटाए जाने का कार्य बुलडोजर के दम पर चल रहा है हम इस अभियान का समर्थन तो करते हैं मगर ये अभियान पक्षपात पूर्ण से चलाया जा रहा है।

चाहिए यह कि तमाम थड़ी, गाढ़ा, होटल, ढाबा, फूटपाथ पर बैढकर रोजाना 300से500 रुपये कमाकर कोई गरीब अपने बच्चों का पेट पाल रहा है क्या वही सबसे बड़ा कब्जाधारी नजर आ रहा है अगर व्यस्था के सुधार के नाम पर उसे हटाना चाहते हैं तो पहले उनको वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की व्यस्था की जानी चाहिए ना कि आनन फानन में उनकी रोजी रोटी को छीन लिया जावे ,उनके खोखे, गाड़े को तोड़ कर आर्थिक रूप से नुकसान भी पहुंचाया गया ये न्याय संगत नहीं है हमारी मांग है कि आज ही से एक बार इस अभियान को रोक कर शहर के सभी मार्गों, चौराहों, बाजारों में सड़कों व फूट पाथ आदि पर अपना गाड़ा, ठेला, आदि लगाकर रोजाना दो रोटी कड़ी मेहनत से कमाने वालों को जिला प्रशासन एकत्रित कर सभी की पीड़ा को सुने उनको विश्वाश मैं लिया जावे उनको स्थाई तौर पर एक निश्चित स्थान उपलब्ध कराया जावे ताकि हमेशा के लिए स्थाई समाधान भी हो सके साथ ही भदौरिया ने संभागीय आयुक्त महोदय से आग्रह किया कि जल्द ही स्ट्रीट वेंडर्स यूनियन आदि के चुनाव भी कराए जावें तथा भदौरिया ने आयुक्त महोदय को अवगत कराया कि वो शहर के मास्टर प्लान के अनुसार ज्ञात करें कि शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों ,चौराहों कॉलोनिया के आसपास नगर निगम, नगर विकास न्यास की अनदेखी या मिली भगत से बड़े बड़े कब्जाधारियों के द्वारा जमीनों पर कब्जे आदि करके मकान, दुकान, भवन, होटल आदि बना रखे हैं उन स्थानों पर आपका बुलडोजर क्यों नहीं चलता है कई स्थानों पर तो कोर्ट के आदेशों से कब्जे हटाने के कई बार आदेश भी हुए मगर जानबूझकर तकनीक कमियां छोड़ दी जाती है और फिर कोर्ट से स्टे आदि मिलने का मौका जान बूझकर दिया जाता है भदौरिया ने आज संभागीय आयुक्त से आग्रह किया कि जल्द ही इस अभियान को रोका जाए वे गरीबों के हितों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में कोई नीति निर्धारित की जावे,

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