साध्वीवृंद का वंदन-अभिनंदन-साध्वीश्री मृगावती

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आदिश्वर मंदिर में शांति स्नात्र पूजा व कोचरों में शासन स्पर्श कार्यक्रम आज
बीकानेर, 23 जुलाई। जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ की मनोहरश्रीजी म.सा की सुशिष्या साध्वीश्री मृृगावतीश्रीजी म.सा., बीकानेर मूल की साध्वीश्री सुरप्रियाश्रीजीम.सा (रेणुजी) व नित्योदयाश्रीजी म.सा. का शनिवार को फलौदी जैन संघ के प्रतिनिधि मंडल ने गौतम चंद झाबक व महिपाल के नेतृृत्व में वंदन अभिनंदन किया गया।


चातुर्मास व्यवस्था समिति व श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट की ओर से फलौदी संघ का चार्टेड एकाउंटेंट राजेन्द्र लूणियां, महावीर सिंह व रतन लाल नाहटा  ने अभिनंदन किया। फलौदी संघ साध्वीवृृंद से चातुर्मास करने की भी विनती की। सुगनजी महाराज के उपासरे में रविवार को नियमित प्रवचन नहीं होंगे। साध्वीवृृंद के सान्निध्य में नाहटा चैक के भगवान आदिनाथ मंदिर में सुबह सात बजे शांति स्नात्र पूजा पूजा और सुबह नौ बजे कोचरों के चैक में शासन स्पर्श का आयोजन बीकानेर में पहली बार होगा। पहली बार कार्यक्रम में मूर्ति पूजक जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ, तपागच्छ, पाश्र्वचन्द्रगच्छ के साध्वीवृृंद व श्रावक-श्राविकाएं शामिल होंगे। शासन स्पर्श का संगीतमय कार्यक्रम होगा। सुबह नौ बजे शुरू होने वाले कार्यक्रम में सवा नौ बजे प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। चेन्नई के सुरेश भाई वीडियों व संवाद के माध्यम से तथा मुंबई के संगीतकार भाविक भाई भक्ति रचनाओं के साथ जिन शासन के देव, गुरु व धर्म तथा तीर्थस्थलों से साक्षात्कर करवाएंगे।
मन को नियंत्रित करें-साध्वीश्री मृृगावती जी.मसा. ने शनिवार को सुगनजी महाराज के उपासरे में कहा कि मन को नियंत्रित करें तथा आत्मा के स्वरूप् को पहचान कर उसकी मानकर अंतर यात्रा शुरू करें। मन व्यक्ति को भौतिकता, सुख सुविधा, भोग विलास की ओर ले जाता है वहीं आत्म चिंतन मनन करने वाला अंतःकरण मजबूत कर आत्मयात्रा शुरू कर देता है । जीवन का असली लक्ष्य आत्मा-परमात्मा के मार्ग को अंगीकार कर मोक्ष के मार्ग पर चलना है।

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