बीकानेर की सुनिता गुलाटी को इस वर्ष शिक्षक दिवस पर मिलेगा का राष्ट्रपति पुरस्कार

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टुडे राजस्थान न्यूज़

बीकानेर 25 अगस्त । राजकीय उच्च माध्यमिक बधिर विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका सुनीता गुलाटी को मुक बधिर बच्चों के साथ विज्ञान शिक्षण के नवाचार के तहत इन विशेष बच्चों को 2017 से लगातार राज्य स्तरीय विज्ञान प्रतियोगिता एवं राष्ट्रीय स्तरीय इंस्पायर अवार्ड में पर अवार्ड में न सिर्फ पार्टिसिपेट किया अपितु लगातार 4 सालों से यह प्रतियोगिताएं जीतते भी आ रहे हैं। इस विशेष विद्यालय में इन विशेष बच्चों द्वारा बनाई गई विज्ञान लैब है जिसमें इन बच्चों द्वारा कुछ चित्र बनाए गए हैं इसके अतिरिक्त इस विद्यालय की एक छात्रा ने ओलंपियाड में भी अपना स्थान प्राप्त किया है और रजत पदक प्राप्त कर देश को गौरवान्वित किया।

मूक बधिर बच्चो के लिए online vedios और उनके लिए नवाचार युक्त vedios बनाये। इसके अतिरिक्त शिक्षण modules और दीक्षा पोर्टल पर econtent बनाये। साथ साथ blind students के लिए भी ऑडियो book निर्माण मे कार्य किया। इन सभी उपलब्धियों के बाद इस बार 5 सितंबर को होने वाले शिक्षक दिवस पर नई दिल्ली में राष्ट्रपति अपने हाथों से सम्मानित करेगी। बीकानेर से एकमात्र वह राजस्थान से उदयपुर से भी एक शिक्षक को मिलेगा।

दुर्गाराम मुवाल
पिता – श्री किशनाराम मुवाल

राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पारगियापाड़ा, पंचायत समिति फलासिया,उदयपुर

शिक्षण के कर्तव्य को Time Less जॉब मानते हुए शिक्षण के अलावा किए गए अन्य कार्य

बालश्रम एवं बाल तस्करी से 400 से ज्यादा बच्चों को रेस्क्यू कर वापस शिक्षा से जोड़ा, जिनमें 250 से ज्यादा तो लड़कियां है जिनको अन्य गलत धंधों में जाने से बचाया,

शिक्षा में नवाचार, प्राथमिक कक्षाओं के बच्चो के बस्ते का भार कम किया

प्रतिदिन सैंकड़ों की संख्या में बच्चों को योगाभ्यास,

लड़कियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण

कोरोना टीकाकरण में योद्धा के रूप में कार्य कर पदस्थापित पंचायत मादड़ी को पूरे भारत में सर्वाधिक टीकाकरण वाली पहली जनजाति पंचायत बनाया

बालिका शिक्षा को बढ़ावा देकर 300 से अधिक ड्रॉपआउट बालिकाओं को वापस शिक्षा से जोड़ा, उच्च कक्षाओं में पढ़ने वाली बालिकाओ की पढ़ाई का खर्च स्वयं वहन करते हैं

प्रतिवर्ष 1 महीने की सैलरी विद्यालय विकास एवं विद्यालय के बच्चों पर खर्च करते हैं

11000 से ज्यादा पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण

निराश्रित बच्चों के अभिभावक बनकर शिक्षा से जोड़ना।

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