आचार्य भिक्षु क्रान्तिकारी महापुरुष थे -मुनि चैतन्य कुमार
टुडे राजस्थान न्यूज़ ( अज़ीज़ भुट्टा )
बीकानेर / भीनासर 01 जुलाई । तेरापंथ धर्म संघ के आध प्रवर्तक आचार्यश्री भिक्षु का 298 वां जन्म दिवस एवं 266 वां बोधि दिवस का कार्यक्रम मुनिश्री चैतन्य कुमार अमन के सानिध्य में आयोजित किया गया। ईस अवसर पर अपने पावन सम्बोधन में मुनि की चैतन्य कुमार अमन ने कहा- आचार्य भिक्षु क्रांतिकारी महापुरुष थे। उन्होंने धर्म क्रान्ति कर धर्मक्षेत्र में आने वाली शिथिलता को दूर करने का प्रयास किया। बाल्यावस्था से ही स्वाभिमानी और गंभीर चिंतक थे।

मुनि अमन ने आगे कहा. आचार्य भिक्षु कष्टसहिष्णु दृढ संकल्पी, जिनवाणी के प्रति समर्पित कुशाग्र बुद्धि के धनी, सत्य के महान उपासक थे। उन्होंने सत्य को खोजा सत्य को पाया और सत्य को जीया। वे साहित्य प्रेमी थे अत: अपने जीवन मे राजस्थानी भाषा में 38 हजार पथ प्रमाण साहित्य लिखकर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया।
इस अवसर पर मुनि प्रबोध कुमार भी आचार्य भिक्षु के जीवन प्रसंगों को उर्जा गर करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। तेरापंथ महिला मंडल की सदस्याओं ने सामुहिक गीत प्रस्तुत किया। श्रीमती पिंकी कोचर शशि गोलछा एवं उर्मिला जैन ने आचार्य भिक्षु के प्रति अपनी श्रद्धा समर्पित की। कार्यक्रम में अनेक श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थित थे।




