सरकारी स्कूलों में आईसीटी लैब क्रियाशील रहे इसके लिए होगा सर्वे

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टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा )

स्कूलों में आईसीटी लैब की क्रियाशीलता सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा सर्वे

बीकानेर, 06 नवंबर। जिले के सरकारी विद्यालयों के आईसीटी लैब क्रियाशील रहें इसके लिए सर्वे करवाया जाएगा।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहनलाल ने बुधवार को शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी आईसीटी लैब में समस्त कम्प्यूटर क्रियाशील स्थिति में रहें यह सुनिश्चित करने के लिए सीबीओ सर्वे करवाते हुए आवश्यक कार्रवाई प्रस्तावित करें। ख़राब कम्प्यूटर बदले जाएं।

पोषाहार गुणवत्ता जांच के हों नियमित निरीक्षण

सीईओ ने मिड डे मील के तहत वितरित किए जा रहे पोषाहार की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों में सीबीओ और अन्य अधिकारी निरीक्षण के दौरान खाने की गुणवत्ता की नियमित जांच करें , साफ सफाई तथा स्टोर आदि की स्थिति देखें। यदि खाने की गुणवत्ता मापदंडों के अनुरूप नहीं पाई जाती है तो संस्था प्रधान तथा पोषाहार प्रभारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिले के विभिन्न स्कूलों में जारी व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षण की जानकारी लेते हुए सोहनलाल ने कहा कि प्रशिक्षित बच्चों का अधिकतम रोजगार नियोजन हो इसके प्लेसमेंट डाटा सूचना तैयार की जाए । बैठक में बताया गया कि वर्तमान में जिले के 169 स्कूलों में 15 प्रकार की व्यावसायिक शिक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सीईओ जिला परिषद में पीएम श्री विद्यालयों में प्रगतिरत कार्यों, ज्ञान संकल्प पोर्टल सहित अन्य संबंधित विषयों पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए।

स्कूलों में चालू किया जाए वाटर बैल सिस्टम
सीईओ सोहनलाल ने कहा कि स्कूलों में वाटर बैल सिस्टम चालू किया जाए।‌ वाटर बैल के दौरान सभी बच्चे अध्यापक के सामने ही पानी पीना सुनिश्चित करें, जिससे बच्चों में डिहाइड्रेशन की स्थिति ना बने। इसके लिए पानी की बोतल ना लाने वाले बच्चों को पानी की बोतल भी उपलब्ध करवाई जा सकती है। संस्था प्रधान अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करें।

30 नवंबर तक करवाएं असाक्षरों का पंजीकरण

असाक्षर सर्वेक्षण एवं कक्षा संचालन पर जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा अधिकारी हेतराम सारण ने कहा कि आवंटित लक्ष्यों के अनुसार असाक्षर पंजीकरण 30 नवंबर तक करवाएं। उन्होंने कहा कि स्वयं सेवी शिक्षकों के माध्यम से कक्षा संचालन भी नियमित कर ई साक्षरता पोर्टल पर उपलब्ध सरल पाठ्यक्रमों का उपयोग किया जाए। उन्होंने नोखा, खाजूवाला तथा श्रीडूंगरगढ़ सीबीओ को बकाया प्रेरक मानदेय की राशि जिला कार्यालय को लौटाने को कहा। बैठक में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी महेन्द्र कुमार शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी गजानंद सेवग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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