टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा )
रिपोर्ट शिव कुमार सोनी
हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में निकले ताजियों को अकीदत से किया दफ़न
इस बार निकाले गए ताजियों के साथ ढोल व ताशे बिल्कुल भी नजर नहीं आए
बीकानेर, 06 जुलाई। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में शनिवार को विभिन्न मोहल्लों में व्यक्तिगत व सामाजिक स्तर पर निकले ताजियों को रविवार को दो कर्बलाओं व मुकामी स्थल (ताजिया बैठने के स्थल) पर मर्सिया खानी करते हुए अकीदत (श्रद्धा) से ठंडे किए गए। अनेक स्थानों पर हलीम, लस्सी, आइसक्रीम, ड्राई फ्रूट, टॉफी, विभिन्न तरह के शरबत का निःशुल्क वितरण किया । जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के साथ विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्यों ने ताजियों के जुलूस के दौरान शांति एवं व्यवस्थाओं को बनाने में सहभागिता निभाई। अनेक लोगों ने शनिवार व रविवार को रोजा रखा।


सर्वाधिक ताजियों को चौखूंटी क्षेत्र की कर्बला में ठंडा किया गया। इनमें मोहल्ला चूनगरान के कलात्मक व सरसों के हरियाले ताजिए, पन्नी, थर्माकोल आदि से बने ताजिए शामिल थे। चौखूंटी क्षेत्र की कर्बला में रामपुरा, धोबी तलाई, मोहल्ला खटिकान, मोहल्ला व्यापारियान, चूनगरान, महावतपुरा, सिक्कान, फरासान, न्यायारियान, मोहल्ला महावतान, नाइयान के ताजियों को ठंडा किया गया। वहीं सोनगिरि कुएं के पास डीडू सिपाहियों के मिट्टी के, मोहल्ला चड़वान, उस्तान, गुर्जरान के ताजियों को मुकामी स्थल पर मर्सियाखानी के बाद नारा ए तकबीर लगाते हुए ठंडा किया गया।


सुजानदेसर मार्ग के पास की जनता प्याऊ के पास की कर्बला में छीपान, पिंजारान, दमामियान आदि बड़ा बाजार क्षेत्र के ताजियों को ठंडा किया गया।
मोहल्ला व्यापारियान, चूनगरान, शीतला गेट क्षेत्र में ताजियों के जुलूस के कारण घरों की छतों पर व मार्ग में लोगों का हजूम जमा था। खीचिया, पकौड़े, आदि खान पान की वस्तुओं खिलौनों आदि की अनेक दुकानें लगी थी। दाऊजी रोड व पीर मार्ग पर अंजुमन इंतजामिया कमेटी की ओर से उद्घोषणा की जा रही थी। नगर निगम के पूर्व महापौर हाजी मकसूद अहमद, कमेटी के सदर रमजान कच्छावा, अब्दुल मजीद खोखर आदि ने कलात्मक ताजियों का निर्माण करने वाले ताजियादारों को पुरस्कृत किया। हाजी मकसूद ने इस अवसर पर एक शेर ’’ मातम को आप जश्न की सूरत ना दीजिए, शोहदा-ए-कर्बला का येही एहतराम (संदेश) सुनाया।


मोहल्ला व्यापारियान में हुसैनी कमेटी के चार सौ कार्यकर्ताओं जिसमें किशोर, युवा व प्रौढ़ शामिल थे, बाजू पर बिल्ला लगाएं हाथ में हरी लाठी लिए हुए भीड़ को नियंत्रित करने में सहभागिता निभाई। खिदमतगार खादिम सोसायटी की ओर से 150 किलो मी 26 बर्फ की सिल्ली से पानी को ठंडा कर पिलाया। मोहल्ला व्यापारियान में ही मरहूम अल्ला बक्स, मोहम्मद सलीम (पूर्व प्रैस अटैची मुख्यमंत्री राजस्थान) परिवार की ओर से गुलाब का शरबत पिलाया गया। खिदमगार खादिम सोसायटी की जानिब से नगर निगम की ओर से ताजियों की चौकी के पास बैठने की व्यवस्था की गई। सोसायटी ने एक बैनर के माध्यम से पानी को बचाने व उसका सदुपयोग करने का संदेश दिया। ’’ प्यासे की प्यास क्या होती है, यह सीख कर्बला के मैदान से मिली है।


आज के दिन हमस ब अहद करें पानी को जरूरत मंद तक पहुंचाएं तथा सुरक्षित रखे तथा देश में खुशहाली लाएं । सर्वोदय बस्ती का एक युवक एहसान फरीदी एक बैनर लिए हुए घूम-घूम कर संदेश दे रहा था कि ’’ इमाम हुसैन का जनाजा देखकर भी पर्दा ना छोड़ा, बहन सैय्यदा जैनब ने , आज ताजियों के नाम पर औरते बे पर्दा घूम रही है।’’ बैनर के दूसरी ओर लिखा था ’’ नमाज फर्ज है, चलते तीर बरस रहे थे, मगर इमाम हुसैन (अ.स.) ने नमाज नहीं छोड़ी। और आज हम मोबाइल के नोटिफिकेशन पर सजदे भूल जाते है, अफसोस …’’ ।


ताजियेदारों को किया पुरस्कृत अंजुमन इतजामिया कमेटी नौगजा पीर दरगाह की ओर से मोहर्रम के मातमी माहौल में प्रकाश चित्र के सामने मंच लगाकर शहर में कौमी एकता व सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखते हुए यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया अंजुमन इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष रमजान कच्छावा ने बताया किस अवसर पर बीकानेर के ताजियेदारों को कमेटी ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया सम्मान किया इस कड़ी में एडिशनल एसपी साइबर क्राइम खान मो व कोतवाली पुलिस थाना के एस एच ओ जसबीर सिंह को स्मृति चिन्ह भेंट किया इस अवसर पर शहर काजी शाहनवाज हुसैन हाफिज फरमान अली पूर्व महापौर हाजी मकसूद अहमद अनवर अजमेरी एम रफीक कादरी महबूब रंगरेज शहाबुद्दीन भुट्टो नीरज गोस्वामी संजय जोशी कौशलेश गोस्वामी अब्दुल मजीद खोखर हाजी जियाउर रहमान आरिफ अमजद अब्बासी इस्माइल खिलजी जफर महावत शाकिर अली चोपदार आदि उपस्थित थे संचालन एम रफीक कादरी ने किया।

बीकानेर के हर तीज त्यौहार और इनके अलावा अन्य कार्यक्रम हो उसमें हमेशा सद्भाव नजर आता है ऐसा ही नज़ारा मोहल्ले के पास ब्रह्मपुरी चौक में जोशी परिवार हर साल की तरह अपने पूर्वजों की परंपरा को निभाते हुए हर साल की तरह ताजियों को विदाई देने के लिए पूरा परिवार बाहर आकर बैठ जाता है और पीने के पानी की व्यवस्था करते हैं और ताजियों पर हलवा पूरी बनाकर चढ़ाते हैं और पूरा परिवार ताजियों के नीचे से निकल कर सुखी जीवन की कामना करते हैं।
श्रीमाली परिवार अपने घर मे कोई बच्चा पैदा होता है तो उनको ताजियों के नीचे से निलालते है और उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं पूरे साल ताजियों का इंतजार करते हैं।


