नाबार्ड के माध्यम से कृषकों को किया जागरूक
टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा )
संतृप्ती अभियान हितधारको को बैंक तथा सरकारी योजनाओं से जोडने का अभियान ; नाबार्ड
बीकानेर 10 अगस्त । बीकानेर में भारत सरकार तथा सहकारिता विभाग के निर्देशानुसार जमीनी स्तर पर ज्यादा से ज्यादा हितधारकों को बैंकों से जोडते हुए भारत सरकार की जन हितकारी योजनाओं से सीधे लाभार्भि बनाने के लिए संतृप्ति अभियान के अंतर्गत नाबार्ड द्वारा ग्राम पंचायत राशीसर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इंडियन बैंक शाखा प्रबंधक अमित कटारिया द्वारा पशुपालको हेतु चलाई जा रही योजना ; इण्डडीजी डेयरी केसीसी के माध्यम से प्रति पशु रु11,100 का ऋण कैसे प्राप्त कर सकते है के लिए किसानों को संपूर्ण जानकारी प्रदान की।

इस कार्यक्रम के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक तथा नाबार्ड के निर्देशानुसार जागरुकता कार्यक्रम के लिए जन प्रतिनिधियों के साथ सभी स्थानीय बैंक प्रतिनिधियों द्वारा सहभागिता की गई। कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य था बैंक खाताधारकों को एक ही स्थान पर सभी बैंकिंग सुविधाओं को उपलब्ध करवाना तथा लंबे समय से बकाया केवाईसी को पूरा करते हुए खाताधारकों के बंद खातों को पुन चलन में रखना है। नाबार्ड जिला विकास प्रबंधक रमेश ताम्बिया द्वारा इस अवसर पर भारत सरकार की युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उघमिता विकास कार्यक्रम, पीएम इंन्टर्नशीप योजना, कुसुम योजना तथा ग्रामीण युवाओं के लिए नाबार्ड की योजनाओं पर विस्तार से अपने विचार रखे, इसी अनुक्रम में खाताधारकों को भारत सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं; पीएम जन-धन योजना से जोडा गया। भारत सरकार की नाबार्ड के माध्यम से कृषको हेतु रु 1लाख करोड की कृषि अवसंरचना निधि तथा रु15000करोड की पशुपालकों हेतु पशुपालन कृषि अवसंरचना विकास निधि की ग्राम स्तर तक पहॅुच बढाने हेतु कृषको को जागरुक किया गया।

कृषि अवसंरचना निधि तथा पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (एएचआईडीएफ) योजना, जिसे Animal Husbandry Infrastructure Development Fund (AHIDF) के नाम से भी जाना जाता है, यह किसानों के लिए एक प्रमुख सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य पशुपालन क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देना है। इसका मुख्य लक्ष्य दूध और प्रसंस्करण, पशु आहार उत्पादन और अन्य संबंधित गतिविधियों के लिए ऋण प्रदान करना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा दिया जा सकें यह भारत सरकार की किसानों तथा पशुपालकों के लिए पशुपालन अवसंरचना विकास निधि का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना तथा दूध और मांस क्षेत्र में निर्यात योगदान को बढ़ाना, ताकि मवेशियों, भैंसों, भेड़, बकरी, सूअर और मुर्गी को गुणवत्तापूर्ण पशु आहार उपलब्ध कराया जा सके तथा किफायती मूल्य पर संतुलित आहार उपलब्ध कराया जा सके। पशु चारा संयंत्र की स्थापना हेतु व्यक्तिगत उद्यमियों, निजी कंपनियों, एमएसएमई, डेयरी सहकारी समितियां व किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओे) और धारा 8 कंपनियों द्वारा निवेश को बढ़ावा देने के लिए अनुमोदित किया गया है। नाबार्ड के माध्यम से दोनो ही योजनाओं को दूसरी योजनाओं के साथ जोडकर किसानों को अधिक से अधिक ब्याज अनुदान का लाभ प्राप्त हो इसके लिए संतृप्ति अभियान एक अच्छा माध्यम साबित हो सकता है। दोनो ही योजनाओं के लाभार्थियों द्वारा बैंक में नियमित चुकौती पर 3% प्रति वर्ष का ब्याज अनुदान देय है तथा ब्याज अनुदान अधिस्थगन सहित 8 वर्ष की चुकौती अवधि तक प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन महावीर जालप द्वारा करते हुए सभी जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के माध्यम से सरकारी योजनाओं की पहॅुच को ग्रामीणों तक बढाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। मुख्य रुप से कार्यक्रम के दौरान रामनारायण चौहोन, चंपाला कालवा, बनवारी लाल गोदारा, किशन लाल गोदारा,राम कुमार गोदारा तथा रामचंद चौहान द्वारा भारत सरकार की योजनाओं पर अपने विचार रखें।



