विकास के शलाका पुरुष आचार्य तुलसी -साध्वी जिनबाला

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टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा )

विकास के शलाका पुरुष: आचार्य तुलसी -साध्वी जिनबाला
बीकानेर 02 सितंबर । विकास के शलाकापुरुष आचार्य तुलसी के पट्टोत्सव को विकास महोत्सव’ के रूप में मनाया जाता है जिसे आचार्य महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी श्री जिनबाला जी के सान्निध्य में भीनासर सभा भवन के प्रांगण में मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुन्दर गीत के माध्यम से एकता पुगलिया ने किया।
साध्वी श्री जिनबालाजी ने विकास महोत्सव के पावन अवसर पर फरमाया कि आचार्य तुलसी एक अलौकिक दिव्य पुरुष थे। उन्होंने सम्पूर्ण मानव जाति का विकास किया गणाधिपति पूज्य गुरुदेव ने धर्मसंघ में विकास के बीज वपन किये जिसे आचार्य श्री महाश्रमणजी वर्तमान में पल्लवित व पुष्पित कर रहे हैं। नयामोड़, अणुव्रत, प्रेक्षाध्यान, जीवन विज्ञान, आगम सम्पादन, समण श्रेणि आदि इतने अवदान प्रदान किये कि सम्पूर्ण मानव जाति विकास के शिखरों तक पहुंच सकती है।


साध्वीश्री जी ने संघीय विकास के बारे में आगे फरमाया कि – तेरापंथ ने हर क्षेत्र में विकास किया है। प्रारंभ में बूंद सा लगने वाला तेरापंथ अब सागर सम बन चुका है। पहले तेरापंथ सिर्फ मारवाड़ व मेवाड़ तक ही सीमित था और अब सम्पूर्ण भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी तेजी से बढ़ रहा है ।आचार्य श्री ने नारी जाति को विकास का अवसर दिये साध्वी समाज में शिक्षा के द्वार उद्घाटित किये। घुंघट में दुबकी हुई नारी चार दिवारी से निकालकर विकास के अप्रतिम अवसर दिये। जहां धर्मसंघ में साहित्य का लगभग अभाव सा था वहां साहित्य का भण्डार भर दिय दिया । समणश्रेणी के माध्यम से सात समन्दर पार तेरापंथ की अनुगूंज पहुंची।
साध्वी श्री करुणा प्रभा जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि – प्रसिद्ध साहित्यकार नंदकिशोर जी से किसी ने पूछा कि आप आचार्य श्री तुलसी पर इतना क्यो लिखते हैं? तब उन्होंने प्रत्युत्तर में कहा- आचार्य तुलसी ने मानव (मुझे) को मानव बनाया। में पहले शराब, अंडा मांस आदि का सेवन करता था। उस नरक मय जीवन से निकाल कर मुझे मानव बनाया।
साध्वी श्री भव्यप्रभा जी ने बताया कि विकास का अर्थ है. सूरज का उगना, हवा का बहना। बीज का वृक्ष के रूप में बदलना बीज का विकास है। सीप का मोती के रूप में ढलना सीप का विकास है। तेरापंथ भी प्रारंभ में बीज रूप में था जो आज वटवृक्ष बनकर लहलहा रहा है। साध्वी श्री प्राची प्रभाजी ने विकास महोत्सव पर सुन्दर गीत का संगान किया। तेरापंथ महिला मंडल की युवति बहनों ने तथा ज्ञानशाला के बच्चों ने संयुक्त रूप से बहुत ही सुन्दर व रोचक परिसंवाद प्रस्तुत किया। जिसमें 20 जनों की प्रतिभागिता रही। अनिका गुप्ता के अपत्ती बालसुलभ प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन सभा के मंत्री चैनप्रकाशजी गोलछा ने किया। संघ गान के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

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