देवीकुंड सागर में हजारों श्रद्धालुओं ने की छठ पूजा

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टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा)

बीकानेर 27 अक्टूबर सोमवार को छठ पूजा के लिए हजारों की संख्या में देवीकुंड सागर श्रद्धालु पहुंचे छठ पूजा एक महान हिंदू पर्व है जो सूर्य देव (सूर्य भगवान) और छठी मैया (उषा देवी) की पूजा के लिए मनाया जाता है।
छठ पूजा भारत का महा पर्व प्राकृतिक वंदना माना जाता है !छठ पूजा का पहला अर्घ्य सूर्य देव को संध्या समय (डूबते सूर्य) को दिया जाता है।
इसे “संध्या अर्घ्य” कहा जाता है।


पहला अर्घ्य (संध्या अर्घ्य) का महत्व:
व्रती (उपवास करने वाला) पूरे दिन निर्जला उपवास रखकर शाम के समय सूर्यास्त के समय सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करता है।
इस अर्घ्य के माध्यम से सूर्य देव और छठी मैया से परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की दीर्घायु और स्वास्थ्य की कामना की जाती है।
पहला अर्घ्य दिया जाता है:
डूबते सूर्य के समय नदी, तालाब या घाट पर व्रती परिवार सहित पहुंचते हैं। व्रती बांस की टोकरी या दउरा में ठेकुआ, फल, गन्ना, नारियल, मिठाई, दीया आदि रखती हैं।


जल में खड़े होकर सूर्य देव को दूध, जल और गंगा जल से अर्घ्य दिया जाता है।
“ॐ सूर्याय नमः” या छठी मैया के गीत गाए जाते हैं।
पहला अर्घ्य (संध्या अर्घ्य) – डूबते सूर्य को।

बीकानेर के अलग-अलग मोहल्ले से महिला पार्वयतीन उपस्थित होकर पूजा अर्चना अर्घ्य सूर्य देव को पहला अर्घ्य देते हुए, निर्मला देवी स्नेह लता ओझा संगीता गुप्ता, रेनू गुप्ता ,अरुण जी वर्मा, सुमित प्रमिला शाह ,सीमा सिंह ,सोनी रंजन ,नूतन सिंह आरती सिंह ,शांति सिंह अन्य हजारों महिला कुछ पुरुष पूजा अर्चना की जिसमें समिति के अध्यक्ष आर के रंजन, उपाध्यक्ष विनोद झा ,कोषाध्यक्ष एक सिंह ,सचिन आरपी सिंह , राकेश शर्मा इत्यादि ने सेवा के उपस्थिति में देखरेख में छठ पूजा का आयोजन किया गया।

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