बिखरे नहीं, हम साथ चलें,एकता का दीप फिर से जलाएं…

0
117

टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा )

कलयुग में भगवान तुम्हारा हमसे क्या सम्बंध नहीं,

सैकड़ों खुन हजारों डकेतियां,.. बेशुमार दंगे लाखों फिरोतियां, ऐसा हमने प्रतिनिधि बनाया,…

बिखरे नहीं, हम साथ चलें,एकता का दीप फिर से जलाएं…

बीकानेर 12 अक्टूबर । स्वास्थ्य एवं साहित्य संगम राष्ट्रीय कवि चौपाल 537 वीं कड़ी शैक्षिक जगत को समर्पित रही आज की सरस्वती सभा आनन्द राज पारीक (जिला अध्यक्ष शिक्षक संघ प्रगतिशील) भैरव प्रसाद कथक, सरदार अली पड़िहार आदि मंच सुशोभित हुए। कार्यक्रम अध्यक्ष श्रीमती मधुरिमा सिंह ने बताया।

मुख्य अतिथि आनंद पारीक बोद्धिक के साथ संदेश दिया स्वास्थ्य एवं साहित्य संगम राष्ट्रीय कवि चौपाल 537 वीं कड़ी शैक्षिक जगत को समर्पित रही आज की सरस्वती सभा आनन्द राज पारिक (जिला अध्यक्ष शिक्षक संघ प्रगतिशील) भैरव प्रसाद कथक, श्रीमती मधुरिमा सिंह, सरदार अली परिहार आदि मंच सुशोभित हुए, रामेश्वर साधक ने ” हे विधात हे ज्ञान दात मे च मेधा दियताम” ईश वंदना से कार्यक्रम शुभारम्भ किया।

नगर के प्रसिद्ध शाइर क़ासिम बीकानेरी ने औरत की शान में कही गई मुसलसल ग़ज़ल के इस शे’र ‘तंदूर की रोटी नहीं मत आग में झोंको,तुम जान लो कि ये भी तो इंसान है औरत’ के ज़रिए औरत के स्नेह, ममता,त्याग, तपस्या, बलिदान और सहनशीलता जैसी खूबियां बयान की।
रामेश्वर साधक ने सामयिक दार्शनिक रचना “धातु पाषाण काष्ठ कांच की, पूजा हमने कई बार हमने की अब भ्रमित नहीं रहना है हमें साक्षात लक्ष्मी पूजन करना है,.. शिव दाधीच बीकानेरी : गीत में जब प्रीत लिखों तो करुणा वन्दन हो जायेगा.. … राजकुमार ग्रोवर ने कहा जब भी किसी बेटी की बिदाई होती हैं एक आंख हंसती पर दूजी आंख रोती है।

लीलाधर सोनी ने क्यूं थे कराओ महारी प्यारी मां… प्रभा कोचर ने तूझे आना है तो आ जाओ बसेरा करने मेरे दिल में, तुझसा नहीं… कमल किशोर पारीक रैयगी कांयरी जिनगाणी.. कृष्णा वर्मा एक चांद को देख दूसरा चांद शर्मा गया, शशिबाला : पिया तेरे कितने दूर मुकाम, कुमार महेश किराडू : अजीज इतना ही रखो कि दिल बहल जाए,, अब इस कदर भी मत चाहो कि दम निकल जाए।

शमीम अहमद शमीम ऐ दुनिया के माली, अपने बंदे की कली…. हनी कोचर ने कोई दिवाना कहता है
कोई पागल समझता है, शोभा : बलिहारी का वेश बनाया, .. पवन चड्ढ़ा आ अब लौट चलें बुलंद आवाज में गीत सुनाकर वाह वाह लूंटी
आज के कार्यक्रम में नवीन गौस्वामी, हनुमान कच्छावा, महबूब अली, छोटू खां, नासिर अली, इकबाल, किशनलाल आदि कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन चुटिले अंदाज में,आध्यात्म काव्य द्रष्टांत के साथ शिव दाधीच बीकानेरी ने किया जबकि आभार साधक ने व्यक्त किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here