हज़रत इमाम हुसैन की शहादत को किया याद
टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा )
बीकानेर – 26 जून। हज़रत इमाम हुसैन की शहादत की याद में कमेटी बज्मे मसालमा,बीकानेर के तत्वावधान में 81वां आल राजस्थान तरही मुशायरे का आयोजन मदीना मस्जिद,मोहल्ला भिश्तियान में किया गया जिसमें बीकानेर के अलावा चूरू और बिसाऊ(झुंझुनू) के शायरों ने हज़रत की याद में कलाम सुना कर वाह वाही लूटी।मुशायरा के मिसर ए तरह “जिंदा रही नबी शरियत हुसैन से” पर लिखे गए कलाम को श्रोताओं ने खूब दाद से नवाजा।

देर रात चले मुशायरे में आयोजक संस्था के संयोजक और वरिष्ठ शायर जाकिर अदीब ने अपने कलाम में हज़रत इमाम हुसैन को लोकतंत्र का रक्षक बताया –
जम्हूरीयत पसंद,हमें क्यूं न हो पसंद
फ़ज़्ले – ख़ुदा से हम भी हैं बैअत हुसैन से
सचिव बुनियाद हुसैन जहीन के सलाम को भरपूर पसंद किया गया –

इंसाफ करने की जो जरूरी कभी पड़ी
ये हौसला भी लेगी अदालत हुसैन से
डॉ ज़िया उल हसन कादरी ने जमाने की गर्दिश को यूं ललकारा –
ऐ गर्दिशे – ज़माना जरा हट के बात कर
फरयाद कर रहा हूं मैं हज़रत हुसैन से
चुरू के शायर इदरीस राज ने कर्बला की किस्मत का जिक्र किया –
किस्मत पे नाज क्यों न करे दश्ते – कर्बला
इसको मिली है शोहरत ओ अजमत हुसैन से
चूरू से आमंत्रित शायर अब्दुल मन्नान मजहर ने इमाम हुसैन को उजाले का प्रतीक बताया ।

उभरा इक आफताब वो कर्बो- बला में क्या
घबरा रही है आज भी जुल्मत हुसैन से
बिसाऊ(झुंझुनू) के शायर मखदूम ने तरन्नुम में कलाम सुना कर माहौल में रूहानियत भर दी –
बांटेंगे जब नजात के मोती बरोज़े हश्र
खैरात हम भी पाएंगे हज़रत हुसैन से
चार घंटे तक चले मुशायरे में बीकानेर के विभिन्न मोहल्लों से आए श्रोतागण आखिर तक जमे रहे।इस अवसर पर राजस्थान उर्दू अकादमी,जयपुर के पूर्व सदस्य असद अली असद,साहिबे दीवान शायर इमदाद उल्लाह बासित,अब्दुल जब्बार जज़्बी,अमर जुनूनी,मुहम्मद इसहाक गौरी शफ़क़,बरकात वारसी,सालिक इरम,महबूब देशनोकवी, गुलफाम हुसैन आही,मुहम्मद यासीन आदि ने हज़रत इमाम हुसैन और शहीदाने -कर्बला की शान में कलाम सुना कर मुशायरे को ऊंचाईयां बख्शी।
प्रारंभ में डॉ जावेद आलम ने कुरआन शरीफ की तिलावत(पाठ) से कार्यक्रम का खूबसूरत आगाज किया।आखिर में मंगतू खान, उस्ताद हारून,पूर्व पार्षद सरताज हुसैन एंड पार्टी ने सलाम पढ़ कर कार्यक्रम का समापन किया।
संचालन ज़ाकिर अदीब ने किया।



