किसे चला है सत्य सुनाने, नहीं कोई है सुनने वाला
टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा )
राष्ट्रीय कवि चौपाल में डॉ शिवराज भारतीय, डॉ मूलचंद बोहरा, डॉ नासिर जैदी का किया सम्मान
यह द्यूत, कब दस्तूर बनता है, और कब नासूर…
तजकर असीम उपमान मान परिलक्षित होंगे कीर्तिमान
लाड कोड रो समंदर मां,
अपने खालीपन को भरना छोड़ दिया
किसे चला है सत्य सुनाने, नहीं कोई है सुनने वाला
दादा ने जो बोया पेड़, जिसकी छाया बहुत सघन थी,
बीकानेर 12 जुलाई । राष्ट्रीय कवि चौपाल 576 वीं कड़ी “शिक्षा और व्यवहार” को समर्पित रही आज कार्यक्रम अध्यक्षता में डॉ हरिदास हर्ष मुख्य अतिथि में डॉ शिवराज भारतीय, विशिष्ट अतिथि डॉ मूलचंद बोहरा, डॉ नासिर जैदी, सरदार अली परिहार एवं पवन चड्ढ़ा आदि मंच सुशोभित हूए कार्यक्रम शुभारम्भ करते हुए रामेश्वर साधक ने कहा शिक्षा श्रोत्रिय हुए पर आचरण में शुन्य ही बांझ परिचायक हुए।

शिक्षा सद्व्यवहार में आने पर न केवल आनंद अपितु मुक्ति का हेतु है कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ हरिदास हर्ष ने अपने बोद्धिक में कहा कि .. तजकर असीम उपमान मान परिलक्षित होंगे कीर्तिमान शिक्षा और व्यवहार परस्पर पूरक है तथा व्यवहार के बिना शिक्षा की परिकल्पना नहीं की जा सकती, मुख्य अतिथि डॉ शिवराज भारतीय : पहले गुरु मां से ही हम शिक्षा संस्कार सीखतें हैं, लाड कोड रो समंदर मां, मो ममता रो मिंदर मा री होड करै कुण दूजो, परमेसर भी पूजै मा.. विशिष्ट अतिथि डॉ मूलचंद बोहरा : द्यूत का दस्तूर जारी है, द्वापर से दिवाली तक, लेकिन यह द्यूत, कब दस्तूर बनता है, और कब नासूर… डॉ नासिर जैदी : मेरे मजार से अपने चराग ले जाओ किसी गरीब के घर जलाना तूम.. अपने खालीपन को भरना छोड़ दिया, तन्हाई से डरना छोड़ दिया। सरदार अली परिहार : भगवान आपको साहित्यकार रूप में जन्म दिया महत्ती कृपा.. इससे पूर्व मुक्ता तैलंग मुक्त ने मां सरस्वती वंदना की।

प्रमोद कुमार शर्मा : किसे चला है सत्य सुनाने, नहीं कोई है सुनने वाला ये झूठों की मंडी,… राजेन्द्र स्वर्णकार : दादा ने जो बोया पेड़, जिसकी छाया बहुत सघन थी, दिवटिया मत डरजे,.. विशाल भारद्वाज : इंस्टाग्राम और फेसबुक में दर्द भी एक ‘कंटेंट’ बन गया। हुआ आज संवेदनाओं का अवसान, हर कोई संवेदनहीन बन गया,… बमचकरी : पत्नी पीड़ितम्, नित्य व्यथितम् संस्कृत में कविता सुनाकर सदन की वाहवाही बटोरी…
मुक्ता तैलंग मुक्त : किसान और कवि पर अनछुई लेखन पर गहन दर्शन व मंथन परक काव्य धारा मे अभिव्यक्ति की,.. रामेश्वर साधक : बांझ नहीं विचारों से… नवाचारों से…विशिष्ट सम्पन्नता में परमात्मा ने हमें भेजा है, रे जीव… है जीव… तु फिर क्यों खुखियाँ उधार लेता है ,.. राजकुमार ग्रोवर : जिसने सत्य को अपनाया, नाम अमर कर जाएगा। कौन कहां कब दुनिया में आया यह इतिहास बतलाएगा, .. कृष्णा वर्मा : जीवन अनुपम है, जीवन अनुपम रखने के लिए ही जीना चाहिए,.. मधुरिमा सिंह : शिक्षा विनम्र व्यवहारिक ज्ञान पाना चाहिए शिक्षा से अहं नहीं आना चाहिए.. मौहम्मद सलीम भाटी : क्या हलचल है कैसा पल है। कौन है दल दल कौन कमल है..

इसी बीच राष्ट्रीय कवि चौपाल समूह द्वारा डॉ शिवराज भारतीय, डॉ मूलचंद बोहरा, डॉ नासिर जैदी का शाॅल श्री फल रत्न जड़ित मोतीयन माला से माल्यार्पण के द्वारा आत्मीय सम्मान किया गया
मेहराजुद्दीन एडवोकेट : मेरी हस्ती को मिटाने के लिए कहां जाता है बस्तियां छोड़के,.. पवन चड्ढ़ा : मेरा जीवन कोरा कागज कोरा ही रह गया राजकुमार भाटिया कार्यक्रम की सराहना करते हुए राष्ट्रीय कवि चौपाल को आभार व्यक्त किया।
आज़ के कार्यक्रम में 20 प्रस्तुतियां हुई तथा कार्यक्रम में सागर सिद्धिकी, महेश हर्ष, हनुमान कच्छावा, छोटू खां, भवानी सिंह शिवबाड़ी, भवानी शंकर सुथार, निसार अहमद, धर्मेंद्र राठोड़ धन्नजय, सगीर दीन भाटी, आदि कई गणमान्य साहित्यानुरागी उपस्थित रहे कार्यक्रम संचालन चुटिले शायराने अंदाज में आकाशवाणी के उद्घोषक प्रमोद शर्मा ने किया।



