टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा )
बीकानेर,25 सितम्बर। राजकीय महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय, बीकानेर में आज संपूर्ण वंदे मातरम् गायन एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात डॉ असित गोस्वामी और डॉ ओम प्रकाश सचदेवा के निर्देशन में महाविद्यालय के संगीत विभाग की छात्राओं एवं समस्त संकाय सदस्यों द्वारा संपूर्ण वंदे मातरम् का सामूहिक गायन प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में प्रोफेसर अभिलाषा आल्हा ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अतिथियों का स्वागत किया तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन एवं विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से उनके विचारों में नारी सशक्तिकरण के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री भवानी शंकर शर्मा, भारतीय किसान संघ के प्रांत प्रमुख प्रचारक, ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन एवं विचारों से प्रेरणा लेकर हम वर्तमान को बेहतर बनाने और भारत के भविष्य के निर्माण में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति से परिवार, परिवार से समाज और समाज से राष्ट्र का निर्माण होता है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का आत्म-सुधार समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की वर्ण व्यवस्था संबंधी व्याख्या का उल्लेख करते हुए व्यक्ति के विभिन्न कार्यों और क्षमताओं के समन्वय को विकास का आधार बताया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर रजनी रमन झा ने की। अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक बहुआयामी एवं प्रतिभाशाली व्यक्तित्व थे, जिनके विचारों और योगदान पर अधिक चर्चा की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने राष्ट्रहित और स्वदेशी विचारधारा को प्रमुखता दी तथा समाजवाद और पूंजीवाद से अलग राष्ट्रकेंद्रित दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके जीवन एवं विचारों का अध्ययन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रोफेसर मंजू मीणा ने अतिथियों एवं उपस्थित सभी जनों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राधा सोलंकी ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्राएँ उपस्थित रहीं।


