4 वर्ष की कोमल अब सुन पाएगी दुनिया की आवाज

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टुडे राजस्थान न्यूज़

जोधपुर की 4 वर्षीय कोमल का बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में चिंरजीवी योजना के तहत 8 लाख की लागत वाला कॉक्लियर इंपलांट उपचार पूर्णतया हुआ निःशुल्क

बीकानेर 14 जनवरी । एसपी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. गुंजन सोनी के मार्गदर्शन एवं पीबीएम अधीक्षक डॉ. पीके सैनी के सहयोग से ईएनटी सर्जन डॉ. गौरव गुप्ता की टीम ने किया 150वां सफल कॉक्लियर इंप्लांट

पीबीएम अस्पताल की बड़ी उपलब्धि : ईएनटी विभाग ने किया 150 वां सफल कॉक्लियर इम्पलांट

4 वर्ष की कोमल अब सुन पाएगी दुनिया की आवाज

सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध पीबीएम अस्पताल के नाक कान एवं गला विभाग में शनिवार को जोधपुर निवासी 4 वर्षीय कोमल का सफल कॉक्लियर इम्पलांट उपचार शनिवार को पूर्णतया निःशुल्क किया गया।


इस अवसर पर विभाग में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें प्राचार्य डॉ. गुंजन सोनी, पीबीएम अधीक्षक डॉ. पीके सैनी मौजूद रहे। विभागाध्यक्ष डॉ. दीपचंद के मार्गदर्शन में वर्ष 2016 से ईएनटी सर्जन डॉ. गौरव गुप्ता ने यह ऑपरेशन बीकानेर में शुरू किया था। आज 150वें इम्पलांट के अवसर पर पूरे अस्पताल प्रशासन एवं ईएनटी विभाग के सदस्य तथा शहर के गणमान्य पत्रकार मौजूद रहे।


कॉक्लियर इम्पलांट एक ऐसी सर्जरी है जो मुक बधिर बच्चों में की जाती है जिसमें ऐसे बच्चे जो सुनने बोलने योग्य हो जाते है। मुख्यमंत्री चिंजीवी योजना के अंतर्गत ये इंपलांट पूर्णतया निःशुल्क किया जा रहा है, इसमें ऑपरेशन से पहले एवं बाद में होने वाले सभी खर्च शामिल है। चिरंजीवी योजना के अंतर्गत दो साल से छोटे बच्चों के लिए दोनों कानों में कॉक्लियर इंपलांट निःशुल्क करने का प्रावधान किया गया है, ऐसा करने वाला राजस्थान भारत का केवल दुसरा राज्य है। चिंरजीवी योजना लागू होने से पहले ऑपरेशन से पहले लगने वाले हियंरिंग एड का खर्च मरीज को स्वयं उठाना पड़ता था जिसकी लागत 30 से 40 हजार रूपये तक आती थी, चिरंजीवी योजना लागू होने के बाद अब बीकानेर में ऐसे मरीजों के दोनों कानों मे कॉक्लियर इंपलांट से पहले डिजिटल हियरिंग एड निःशुल्क लागाए जा रहे है। बीकानेर का पीबीएम अस्पताल प्रदेश का पहला चिकित्सा संस्थान है जिसमें डिजिटल हियरिंग एड चिंरजीवी योजना के अंतर्गत दिये जाने शुरू हो चुके है, एवं अब तक 12 बच्चों को ये डिजिटल हियरिंग एड दिये जा चुके है, जिनका निःशुल्क कॉक्लियर इंपलांट आने वाले समय मे विभाग में किया जाएगा।


प्रचार्य डॉ. गुंजन सोनी ने बताया कि कॉक्लियर इम्पलांट हेतु सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में एक पृथक ओटी स्वीकृत किया गया है, इसमे आधुनिक उपकरणों की खरीद हेतु राज्य सरकार ने 2.25 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की है जो की अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। ये उपकरण आने के बाद संभवताया ये उत्तर भारत का एकमात्र कॉक्लियर इंपलांट डेडिकेटेड मॉड्युलर ओटी होगा जिसमें इतने आधुनिक उपकरण एक साथ उपलब्ध होंगे।


कार्यक्रम के दौरान पीबीएम अधीक्षक डॉ.़ पीके सैनी ने इस इंपलांट के लिए कि जाने वाली सभी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में ईएनटी विभाग के सर्जन डॉ. गौरव गुप्ता ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी स्टाफ एवं पत्रकारों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि आम जनता में बहरेपन के निवारण के लिए जागरूकता फैलाने की अपील की जिससे इस तरह बहरेपन से ग्रसित बच्चे जल्दी से जल्दी डॉक्टर से संपर्क कर अपना उपचार शुरू करवा पाएं।

इस टीम का रहा 150 वे कॉक्लियर इंपलांट में सहयोग
ईएनटी के आचार्य डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. चारू प्रभाकर, डॉ. सुभाष सिहाग, डॉ. स्नेहलता एनस्थिसिया से डॉ. प्रियंका, डॉ. पूनम, डॉ. तनवीर, डॉ. केमनोंग तथा नर्सिंंग कार्मिक नीलम व मनीष, नर्सिंग इंचार्ज सोफिन भाटी, विभाग कार्मिक इमरान एवं स्पीच थैरेपिस्ट कौशल शर्मा, आशीष सरोवा आदि का सहयोग रहा।

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