बीकानेर में हुई राजस्थान शतरंज संघ की साधारण सभा की बैठक
टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा )
राजस्थान शतरंज संघ की साधारण सभा की बैठक बीकानेर में सम्पन्न राजस्थान को सात जोन में बांटकर प्रत्येक जोन में रेटींग टुर्नामेन्ट करवाने का प्रस्ताव पास।
बीकानेर, 23 मई। आज स्थानीय होटल कला मन्दिर में राजस्थान शतरंज संघ की साधारण सभा की मिटींग संघ के अध्यक्ष लक्ष्मण राघव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इसमें कुल 28 जिलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
आज की इस साधारण सभा में सभी उपस्थित सदस्य इस विषय पर एकमत थे कि राजस्थान के खिलाडियों को अन्तर्राष्ट्रीय रेटींग टुर्नामेन्ट खेलने का अवसर नही मिल रहा है। इस कारण राजस्थान के बच्चे राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा नही दिखा पा रहे है। इसी को देखते हुए आज की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राजस्थान को सात जोन में बांटा जायेगा और प्रत्येक जोन में 50,000रू की ईनामी राशि का एक एक रेटींग टुर्नामेन्ट आयोजित किया जायेगा। साथ ही इस ईनामी राशि में से आधी राशि यानि 25000रू की राशि को राजस्थान शतरंज संघ द्वारा वहन किया जायेगा शेष आधी राशि आयोजकों द्वारा वहन की जायेगी इसके अलावा यह भी प्रयास किया जायेगा कि राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं को भी रेटींग टुर्नामेन्ट के रूप में आयोजित किया जायेगा।

आज की इस बैठक में सर्वप्रथम सभी उपस्थित सदस्यों का अध्यक्ष लक्ष्मण राघव से परिचय करवाया गया। उसके बाद संघ के सचिव विनेश शर्मा ने अध्यक्ष की अनुमति से बैठक को विधिवत् रूप से प्रारम्भ किया। सर्वप्रथम संघ की नागौर में हुई बैठक के मिनिटस का अनुमोदन सर्वसम्मति से किया गया तथा संघ के पिछले कार्यकाल के वर्ष 2024-25 के अकेंक्षित खातों को पास किया गया। साथ आगामी वर्ष में होने वाले टुर्नामेन्टों के लिए कलेण्डर को अन्तिम रूप दिया गया।
यह सामान्य रूप से देखा गया है कि कुछ जिला संघों में विवाद की स्थिति बनी हुई है। इस कारण जिले के खिलाडियों को असुविधा हो रही है। इसी को देखते हुए संघ के संविधान में व्यवस्था की जाये कि यदि किसी जिला संघ में कोई आन्तरीक विवाद होता है तो विवाद को न्यायालय में वाद दायर करने से पूर्व सर्वप्रथम सम्बन्धित जिला संघ पंचनिर्णय के माध्यम से विवाद को सुलह किया जाये। इसी प्रकार सदस्यों द्वारा प्रस्ताव लाया गया कि प्रतियोगिता के प्रमाण पत्रों की प्रमाणिकता एंव ड्रेस कोड लागू किया जाये तथा पांच लाख से अधिक की राशि के टुर्नामेन्ट आयोजन करने पर आयोजक से बैंक गारन्टी ली जाये। खिलाडियों, निर्णायको एंव प्रशिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था संघ द्वारा की जाये। इस पर सभी सदस्य सहमत थे। इन सभी प्रस्तावों को भी सर्वसम्मति से पारित किया गया।
इसी दौरान संघ के कोषाध्यक्ष शैलेष गुप्ता ने आगामी वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित बजट को पढ सदस्यों को बताया। जिसे सभी सदस्यों ने ध्वनिमत से पारित किया।
इसके बाद सभी जिला संघों द्वारा वर्तमान में चुनी हुई कार्यकारिणी एंव अध्यक्ष महोदय के सभी निर्णयों को पूर्ण समर्थन दिया।
इसके बाद अपने अध्यक्षीय उदबोधन में श्री राघव कहा कि सभी जिलों से चुनकर संघ बना है और संघ सभी जिलों का संरक्षक है। हम सभी को राज्य के बच्चों और शतरंज को विश्व नक्शे पर चमकाना है। पिछली कार्यकारिणी के द्वारा 38 लाख बच्चों को एकसाथ बोर्ड पर लाकर विश्व रिकार्ड बनाया था हम प्रयास करेगें कि इस कार्यकाल के दौरान हम इस 76 लाख बच्चों को बोर्ड पर एकसाथ लाने का लक्ष्य रख रहे है। साथ ही फीडे के चैस इन स्कूल प्रोग्राम को राज्य की हर स्कूल में प्रभावी रूप से चालू करवायेगें। इस कार्यकारिणी के समक्ष कई चुनौतियां भी है जिनमें मुख्य राज्य के खिलाडियों को सरकार से टीए डीए दिलवाने का आदेश करवाना है तथा आर्थिक रूप से कमजोर जिला संघों को मजबूत करना है। इसके अलावा राजस्थान के पिछडे और आदिवासी क्षेत्रों में शतरंज को घर घर तक पंहुचाने का कार्य करना है। उन्होने कहा कि चुनौतियां बहुत है लक्ष्य कठीन है लेकिन हम कन्धे से कन्धा मिला कर चुनौतयों को हरायेगें और सभी लक्ष्यों को हासिल करेगें।
इसी दौरान अखिल भारतीय शतरंज संघ के उपाध्यक्ष महावीर रांका ने पंहुच कर सभी को आश्वासन दिया कि अखिल भारतीय शतरंज संघ से राज्य शतरंज संघ को सहयोग दिलवाने के लिए हर प्रकार से तत्पर हूं और संघ के साथ हूं।
अध्यक्ष ने सभी उपस्थित सदस्यांे एंव जिला प्रतिनिधियों का धन्यवाद दिया और मिटींग को समाप्त करने की घोषणा की तथा सभी को स्नेह भोज के लिए आमन्त्रित किया। इस बैठक में विशेष आम़िंत्रत सदस्य के रूप में महेश शर्मा एंव एस एल हर्ष भी उपस्थित रहे।



