टुडे राजस्थान न्यूज़ ( अज़ीज़ भुट्टा )
बीकानेर,13 फरवरी। “घर जाकर सम्मान” कार्यक्रम की प्रथम कड़ी में उर्दू के शायर और आयोजक मुहम्मद इसहाक गौरी “शफक” के रामपुरा बस्ती स्थित निवास पर जाकर उनका सम्मान किया गया।
पर्यटन लेखक संघ -महफिले अदब के तत्वावधान में आयोजित सम्मान समारोह में जाकिर अदीब ने शफ़क़ को शाल ओढ़ाया,डा जिया उल हसन कादरी ने श्रीफल पेश किया और असद अली असद समेत अनेक प्रबुद्धजनों ने मालार्पण किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ शायर जाकिर अदीब ने कहा कि शफ़क़ साहिब को शायरी विरासत में मिली है।इनके पिता वली गौरी भी एक अच्छे शायर थे। इसहाक गौरी भी उत्कृष्ट गजलें लिखते हैं।

आयोजक संस्था के डा जिया उल हसन कादरी ने कहा कि इसहाक साहब न सिर्फ अच्छे शायर हैं बल्कि अच्छे आयोजक भी हैं।वह अपने निवास पर निरंतर साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित करते रहते हैं जिस से साहित्य को बढ़ावा मिलता है।
असद अली असद ने इसहाक साहिब को नेक इंसान बताया।वली मुहम्मद गौरी वली रज़्वी,बुनियाद हुसैन जहीन, इमदाद उल्लाह बासित,अब्दुल जब्बार जज़्बी और कासिम बीकानेरी ने भी इसहाक गौरी की साहित्यिक सेवाओं पर प्रकाश डाला।
माजिद खान गौरी ने सभी का आभार माना।संचालन डा ज़िया उल हसन कादरी ने किया।




