स्वस्थ रहने के लिए लिया योग युक्त और नशा मुक्त जीवन जीने का संकल्प

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टुडे राजस्थान न्यूज़ (अज़ीज़ भुट्टा )

‘‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’’ के तहत जवाहर पार्क में उमड़ा जनसैलाब
‘‘स्वस्थ रहने के लिए लिया- योग युक्त और नशा मुक्त जीवन जीने का संकल्प’’
बीकानेर, 14 जून। महर्षि पतंजलि योग संस्थान एवं आयुर्वेद विभाग के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को जवाहर पार्क में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व तैयारियों के तहत विशाल योग शिविर आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आयुर्वेद विभाग के डॉ. इरशाद रफीक रहे। योग गुरू दीपक शर्मा के नेतृत्व में सैंकड़ों शहरवासियों ने सामूहिक योग प्रोटोकॉल का अभ्यास कर एक स्वर में योग युक्त और नशा मुक्त जीवन जीने का संकल्प लिया।

योग गुरू शर्मा ने कहा कि 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’’ के तहत उपस्थित योग साधकों ने संदेश दिया कि स्वस्थ भारत का सपना केवल दवाइयों से नहीं, बल्कि अनुशासित दिनचर्या और योगमय जीवनशैली से साकार होगा। कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण ‘‘करेंगे योग, रहेंगे निरोग’’ के उद्घोष से गूंज उठा। बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास में भाग लेकर यह साबित किया कि योग किसी एक आयु वर्ग का नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग है।


मुख्य अतिथि डॉ. इरशाद रफीक ने कहा कि ‘‘आयुर्वेद और योग एक ही जीवन दर्शन के दो सशक्त स्तंभ है। योग जहां शरीर और मन को संतुलित करता है, वहीं आयुर्वेद हमें प्रकृति के अनुरूप जीने की कला सिखाता है। यदि व्यक्ति नियमित योग, संतुलित आहार और सकारात्मक सोच को अपना लें, तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। योग केवल व्यायाम नहीं, जीवन को आनंदित बनाने की कला है।
शिविर संचालक नन्दलाल शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘‘परिवार में यदि योग की शुरूआत होती है, तो संस्कारों की नई पीढ़ी तैयार होती है। योग हमें अपने माता-पिता, समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का बोध करता है। वरिष्ठ योगाचार्य कन्हैयालाल सुथार ने कहा कि आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है कि हम बच्चों को मोबाइल की लत से निकालकर योग और खेलों से जोड़ें। स्वस्थ शरीर ही मजबूत राष्ट्र की नींव है।


इस अवसर पर योग शिक्षक मोहित स्वामी ने एड़वांस योग प्रदर्शन कर आमजन को मंत्रमुग्ध किया। योग शिक्षक मोहित राजपुरोहित एवं किशन व्यास ने योग के प्रति अनुभव साझा कर योग की बारीकियों को सरल भाषा में समझाया। वहीं द्रोणाचार्य तीरंदाजी संस्थान के लोकेश व्यास ने युवाओं से आह्वान किया कि वे आधुनिक जीवनशैली की भागदौड़ में तनाव और नशे की ओर बढ़ने के बजाय योग को अपनाएं। संस्थान के अध्यक्ष प्रहलाद सिंह चौधरी ने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन को खुशियों से भरता है। योग वह अमूल्य विरासत है, जिसे हमें आने वाले पीढ़ी तक पहुंचाना होगा।


कार्यक्रम के समापन में उपस्थित जनसमूह ने नशामुक्त समाज, स्वस्थ जीवनशैली और नियमित योगाभ्यास का संकल्प लिया। जवाहर पार्क में उमड़ी यह जनभागीदारी केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बीकानेर की उस जागरूक चेतना का प्रतीक है जो आने वाली पीढ़ियों को स्वास्थ्य, संस्कार और सकारात्मकता की भावना के प्रति प्रोत्साहित करती है। इस मौके पर संस्थान के अध्यक्ष प्रहलाद सिंह चौधरी , नन्दलाल शर्मा, कन्हैयालाल सुथार, सुरेन्द्र जांभड़, धर्माराम विश्नोई, सुखसिंह, भंवरलाल सुथार, लोकेश व्यास, अमित राजपुरोहित, किशन व्यास, रामेश्वर गोदारा, गणेश सुथार, वंशिता, महिमा स्वामी, रविप्रकाश शर्मा, धर्मचंद सोनी, सुनील स्वामी एवं राजकुमारी शर्मा के साथ ही गणमान्य नागरिक उपस्थित रहें।

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